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‘शिक्षकों के न आने से सिलेबस अधूरा, कैसे हो पढ़ाई पूरी’

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शिक्षक नहीं होने पर जाम लगाकर नारेबाजी करती छात्राएं। अमर उजाला
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रोहतक। पीजीटी के अंग्रेजी, मैथ, केमिस्ट्री और टीजीटी होम साइंस के शिक्षक स्कूल नहीं आ रहे। आठ दिन बाद छमाही परीक्षाएं शुरू होंगी। सिलेबस भी अभी अधूरा है। ऐसे में वह परीक्षा कैसे देंगी। यह कहना है बहुअकबरपुर गांव के जीजीएसएस स्कूल की छात्राओं का। मंगलवार को शिक्षकों की कमी को लेकर स्कूल की छात्राओं ने अपने अभिभावक और अन्य ग्रामीणों के साथ स्कूल के गेट पर ताला जड़कर विरोध जताया। दोपहर करीब 12 बजे खंड शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा ने मौके पर पहुंच कर उनकी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को मनाया। इसके बाद ग्रामीणों के कहने पर पांच घंटे बाद छात्राओं ने गेट का ताला खोला।
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स्कूल में करीब 500 छात्राएं हैं। इनमें 300 से ज्यादा छात्राएं नौवीं कक्षा से 12वीं कक्षा में पढ़ रही हैं। छात्राओं के अनुसार रेशनेलाइजेशन नीति के तहत एक सितंबर से स्कूल में कार्यरत चार शिक्षकों के पदों को खत्म कर दिया गया। इस कारण पीजीटी के अंग्रेजी, मैथ, केमिस्ट्री और टीजीटी होम साइंस के शिक्षक नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण शिक्षकों के पदों के बाबत डीईओ को पहले भी शिकायत कर चुके हैं। समाधान न होने पर स्कूल के गेट पर ताला जड़ा।
छात्राएं बोलीं- नहीं हो पा रही पढ़ाई
पिछले 20 दिनों से स्कूल में शिक्षक नहीं हैं। उनकी जगह सक्षम के अंतर्गत पंजीकृत बेरोजगार युवा हमें पढ़ाने के लिए आ रहे हैं। हमारी पढ़ाई अच्छे ढंग से नहीं हो पा रही है।
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- ज्योति, छात्रा
शिक्षकों के पद खत्म होने की सूचना हमने अपने अभिभावकों को दी तो उन्होंने डीईओ को मामले से अवगत करवाया। लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। बिना शिक्षकों के पढ़ाई करना नामुमकिन है।
- शिवानी, छात्रा
हरियाणा बोर्ड ने दो दिन पहले ही छमाही परीक्षा की डेटशीट जारी की है। हमारी परीक्षा 29 सितंबर से शुरू हो जाएगी। अब तक सिलेबस भी अधूरा है। शिक्षकों के बिना सिलेबस पूरा करना असंभव है।
- यशिका, छात्रा
शिक्षकों की कमी के कारण आधी बार तो कक्षाओं में शिक्षक नहीं आते और आधी बार छठी कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षक 12वीं कक्षा को पढ़ाने के लिए आते हैं। हमारे साथ-साथ शिक्षकों को भी परेशानी हो रही है।
- काजल, छात्रा
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वर्जन -
स्कूल में 500 से ज्यादा छात्राएं पढ़ रही हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तीन शिक्षकों को तुरंत स्कूल में भेजने का आश्वासन दिया है। साथ ही बच्चों की आवश्यकता अनुसार शिक्षकों की कमी एक सप्ताह में दूर करने की भी बात कही है।
- जलकरण बल्हारा, ग्रामीण
वर्जन -
उच्चाधिकारियों से बातचीत कर तीन शिक्षकों को अभी से स्कूल में ज्वाइन करवा दिया जाएगा। बाकी शिक्षकों को एक सप्ताह में स्कूल में भेज दिया जाएगा।
- बिजेंद्र हुड्डा, खंड शिक्षा अधिकारी
वर्जन -
स्कूल से कुछ शिक्षकों की पोस्ट कैप्ट हुई हैं। ग्रामीणों की मांग के अनुसार मंगलवार को निदेशालय को पत्र भेजकर शिक्षकों की नियुक्ति की बात की है। निदेशालय से आदेश मिलने पर जल्द ही समाधान किया जाएगा।
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- विरेंद्र मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी
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