हाईकोर्ट की प्रशासनिक न्यायिक जज मंजरी नेहरु कौल न्यायालय परिसर का निरीक्षण करती साथ में बार के ?
रोहतक। हाईकोर्ट की प्रशासनिक न्यायिक जज मंजरी नेहरू कौल का कहना है कि उनका रोहतक जिला अदालत से पुराना नाता है। 10 साल की उम्र में अपने दादा शांति स्वरूप नेहरू के साथ अदालत में आई थी। उसके दादा उस समय के वरिष्ठ वकील थे। जज मंगलवार को जिला अदालत में वकीलों को संबोधित कर रही थी। इसके साथ जज ने जिला अदालत व जेल का निरीक्षण भी किया। वकीलों ने अलग से फैमिली कोर्ट खोलने मांग भी रखी।
बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट ने बताया कि मंगलवार को हाईकोर्ट की जज रोहतक पहुंची। सबसे पहले उन्होंने सभी कोर्ट का निरीक्षण किया। साथ में सेशन जज व दूसरे न्यायिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके बाद हाईकोर्ट की जज जिला बार एसोसिएशन के हॉल में पहुंची, जहां बार के प्रधान व वकीलों ने उनको स्वागत किया। जज ने कहा कि बार व बैंच के बीच तालमेल बेहद जरूरी है। दोनों के बीच तालमेल से ही आम आदमी को समय पर न्याय मिल पाता है। अगर कोई गतिरोध पैदा हो जाए तो बैठकर सुलझाना चाहिए। इसी बीच एक वकील ने जज से मांग की कि अदालत परिसर में एक अलग से फैमिली कोर्ट बनाया जाए। जज ने उचित कदम उठाने का भरोसा दिया। इसके बाद वकीलों को संबोधित करते हुए जज मंजरी नेहरू कौल ने कहा कि वह उनका रोहतक से पुराना नाता रहा है। 10 साल की उम्र में अपने दादा के साथ रोहतक आई थी। उनके पिता आरके नेहरू भी हाईकोर्ट में जज रहे हैं। जज ने जिला बार एसोसिएशन की सदस्य मंजुला भालौटिया और ज्योतसना सिवाच के यूपी हायर ज्यूडिशियल में नियुक्त होने पर बधाई दी। इस मौके पर बार के उपप्रधान रोहित सुहाग, सहसचिव तृप्ता शर्मा, महम बार प्रधान प्रदीप ढाका, को-ओपरेटिव सदस्य अरविन्द श्योराण, भगत सिंह मलिक, पूर्व प्रधान बलवान सिंह सुहाग, प्रदीप मलिक व नवीन सिंघल भी मौजूद रहे।