रोहतक। जिला अदालत में अप्रेंटिस पर आने वाले कॉलेजों के छात्र व छात्राएं अदालत में कॉलेज की ड्रेस के अलावा गले में अपने कॉलेज का पहचान पत्र डालकर आएं, ताकि अदालत में यह पता रहे कि कौन वकील है और कौन कॉलेज छात्र है।
बार के प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों की तरफ से सूचना आई थी कि एक जैसी ड्रेस व आईकार्ड न होने की वजह से कई बार पता नहीं लगता कि कौन वकील है और कौन अप्रेंटिस करने वाला छात्र है। ऐसे में अप्रेंटिस करने वाले छात्रों का पत्र जारी किया गया है। उधर, रिकाॅर्ड न मिलने पर बार प्रधान की ओर से एक पूर्व क्लर्क व एक पूर्व पदाधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।