शहर में बिना लाइसेंस कॉलोनी काटना अब होगा महंगा हो जाएगा। न केवल तोड़फोड़ होगी, बल्कि कॉलोनाइजर को पुलिस थाने व अदालत के भी चक्कर काटने होंगे। आरोप साबित होने पर 3 साल तक की सजा का प्रावधान भी है। वहीं विभाग ने रविवार को अवैध कॉलोनी काटने के खिलाफ 214 कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
जिला नगर योजनाकार नरेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कॉलोनी विकसित करने के नियमों को काफी सरल कर दिया है। कंट्रोल एरिया में पहले 50 एकड़ में कॉलोनी काटने पर लाइसेंस मिलता था, जिसकी फीस 70 लाख के करीब होती थी। अब सरकार ने नियमों में संशोधन कर दिया है। कोई भी आम आदमी मात्र 5 एकड़ जमीन में कॉलोनी काटने के लिए लाइसेंस ले सकता है। इसके लिए 15 लाख रुपये तक ही फीस रह गई है। इसके बावजूद अवैध कॉलोनी काटी जा रही हैं। ऐसे में जिला नगर योजनाकार विभाग ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया है।
एक सप्ताह में 300 के खिलाफ एफआईआर, 3 साल तक की सजा संभव
जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से एक सप्ताह में 300 से ज्यादा लोगों के खिलाफ अवैध कॉलोनी काटने पर हरियाणा विकास एवं विनियमन शहरी अधिनियम 1975 की धारा 7 व 10 के तहत अलग-अलग थानों में केस दर्ज करवाया जा चुका है। डीटीपी ने बताया कि मामले में आरोप साबित होने पर अदालत 3 साल तक की सजा का भी प्रावधान है।
यहां कॉलोनी काटी तो हुए नामजद
पुलिस के मुताबिक आईएमटी थाने में गढ़ी बोहर एरिया की जमीन के खसरा नंबर 249//4/1,5,250//1,9 में अवैध कॉलोनी काटने पर 58, खसरा नंबर 287//21/3, 21/4, 22/2, 23/1, 23/2, 22/1 में कॉलोनी काटने पर 55 लोगों के खिलाफ हरियाणा विकास एवं विनियमन शहरी अधिनियम 1975 की धारा 7 व 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा सदर थाने में सदर अहमद एरिया में खसरा नंबर 16//12, 13, 17, 18, 19, 22, 23, 24, 25, 23//5,6, 15, 16, 24//1, 10/1,10/2, 11, 12, 20 में कॉलोनी काटने पर 101 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।