रोहतक। शहर के बहुचर्चित विजय नगर हत्याकांड की स्टेट क्राइम ब्रांच दोबारा से जांच पड़ताल करेगी। शुक्रवार को हाईकोर्ट में रोहतक पुलिस की तरफ से दाखिल जवाब में यह सूचना दी गई। साथ ही प्रॉपर्टी विवाद के दृष्टिकोण से हुई जांच से भी अदालत को अवगत कराया गया। मामले की अब अगली सुनवाई हाईकोर्ट में 21 फरवरी को होगी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान दो दशक से रोहतक में रह रहा था। प्रॉपर्टी डीलर के तौर पर काम करते हुए उसने विजय नगर में न केवल कोठी बना रखी थी, बल्कि आसपास प्लाट भी खरीद रखे थे। 27 अगस्त 2021 को प्रॉपर्टी डीलर बबलू पहलवान, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा उर्फ तमन्ना व बबली की मां रोशनी को घर के अंदर ही सिर के अंदर गोली मार दी गई थी। बबलू, बबली व रोशनी की मौके पर मौत हुई, जबकि नेहा ने दो दिन बाद पीजीआई में दम तोड़ा था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए बबलू के एकलौते बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि अभिषेक की उत्तराखंड के युवक के साथ दोस्ती थी। वह दोस्त के लिए अपने पिता से 5 लाख रुपये मांग रहा था। पिता ने पैसे देने से इंकार कर दिया। गुस्से में अभिषेक ने अपने पिता की अवैध रिवाल्वर से परिजनों को नजदीक से सिर में गोलियां मार दी। अभिषेक तभी से न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद है। अभिषेक ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। साथ ही प्रॉपर्टी विवाद के दृष्टिकोण से जांच करने की मांग की थी।
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सीबीआई जांच की मांग पर अभी निर्णय नहीं, 21 फरवरी को होगी सुनवाई
हाईकोर्ट में याचिका दायर करके मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। साथ ही अदालत को बताया गया था कि मामले की जांच केवल एक दृष्टिकोण से की गई। प्रॉपर्टी विवाद का दृष्टिकोण नहीं देखा गया। हाईकोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा था। शुक्रवार को हाईकोर्ट में पुलिस की तरफ से जवाब दाखिल किया गया। बताया गया कि मामले की स्टेट क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी गई है। अब हाईकोर्ट 21 फरवरी को मामले की अगली सुनवाई करेगा।
शिवांसु मलिक, आरोपी अभिषेक के हाईकोर्ट में वकील
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रोहतक पुलिस कर चुकी है चालान पेश
वहीं, रोहतक पुलिस मामले में आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है, जिसमें केवल अभिषेक को आरोपी बनाया गया। हालांकि यह भी स्पष्ट किया गया कि केस में अन्य के शामिल होने को लेकर जांच जारी है। अगर कोई आरोपी मिला तो उसके खिलाफ सह चालान रिपोर्ट दाखिल होगी। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला सेशन कोर्ट में पहुंच गया था। अब ऊपरी अदालत में केस की अगली सुनवाई शुरू होगी।