चुनावी ड्यूटी के लिए ली गई रोडवेज की बसें अब तक वापस नहीं मिली हैं। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने बसों को पैरामिलिट्री के जवानों को लाने ले जाने के लिए रखा हुआ है। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
रोडवेज डिपो से रोजाना 20 हजार से ज्यादा यात्रियों का आवागमन होता है। इस हिसाब से डिपो में बसें भी नहीं हैं। इस पर भी डिपो की बसें चुनावी ड्यूटी पर ही हैं। जबकि चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुुकी है। बसें डिपो को वापस नहीं मिलने के कारण यात्री परेशान हैं। यात्रियों को रूटों पर पर्याप्त बसें समय पर नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अलावा जींद, सोनीपत, हिसार, महम व अन्य रूटों पर बसों की कमी के चलते दैनिक यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यात्रियों द्वारा शिकायत करने के बाद भी कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में छात्रों से लेकर बुजुर्ग लोग भी काफी परेशान है। लंबे रूटों की ज्यादातर बसें आउटर से ही चली जाती है। जिसके कारण सभी रूटों पर यात्री परेशान है।
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बसें वापिस आनी शुरू हो गई हैं। दो दिन में सभी बसें वापिस आ जाएंगी। यात्रियों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
सुरेंद्र सिवाच, वर्कशॉप मैनेजर, रोडवेज डिपो।