माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। खेड़ी साध के प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान की मिसिंग मिस्ट्री बन गई है। वारदात के 66 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है। आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस यह तक नहीं बता पा रही कि सत्यवान जिंदा है या नहीं। परिजन एसपी से मिले चुके हैं, फिर भी प्रॉपर्टी डीलर का पता नहीं लग रहा है।
आठ साल पहले हत्या के मामले में गिरफ्तार प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान छह माह पहले जेल से जमानत पर बाहर आया था। शनिवार करीब डेढ़ बजे उसकी कार लावारिश हालत में खरावड़ आउटर बाईपास के नजदीक सड़क किनारे खड़ी मिली।
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कार पर चार गोलियां लगी थीं। घटनास्थल पर 15 खोल पड़े थे। घायल सत्यवान नहीं मिले। इस संबंध में आईएमटी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें गांव के भांजे प्रदीप झाड़ौदा सहित अन्य को नामजद किया गया था। अब तक पुलिस प्रदीप सहित अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
वर्जन
पुलिस की तीन टीम जांच पड़ताल कर रही है। अभी आरोपी प्रदीप डागर का सुराग नहीं लगा है। पूछताछ के बाद ही पता लग सकेगा कि विदेश से सोशल मीडिया पर आकर जिम्मेदारी लेने वाले सुंदर राठी उर्फ काला की भूमिका है या नहीं। -एएसआई नरेश कुमार, जांच अधिकारी थाना आईएमटी