वहीं, छात्रा ने वीडियो में एक पुलिस अधिकारी की भी ऑडियो भी अपलोड कर रखी है। इसमें अधिकारी कह रहा है कि डॉ. मनिंदर के खिलाफ जो शिकायत थी उसके आधार पर कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन किसी की इज्जत को उछालना भी ठीक नहीं है। अगर आप भी इस तरह से वीडियो बनाकर किसी को बदनाम करोगे तो आप भी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग और रोहतक पीजीआईएमएस को पत्र भेजकर छात्रा का अपहरण करने वाले आरोपी डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त करने के लिए कहा है। साथ ही कहा कि लाइसेंस रद करने के बाद इसकी सूचना भी त्वरित दी जाए। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिए हैं कि वह इस पूरी घटना की एक रिपोर्ट बनाकर एक सप्ताह के अंदर दें। वहीं पीजीआईएमएस निदेशक को इसकी कॉपी भेजी गई है। महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि कानून में किसी को भी अधिकार नहीं दिया कि वह किसी का उत्पीड़न करें या किसी के साथ मारपीट करें। यदि छात्रा की डॉक्टर से जान पहचान थी तो उसका यह मतलब नहीं है कि उसे उत्पीड़न का अधिकार मिल गया।
अपहरण कांड में गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने वीरवार को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जमानत दे दी गई और वह अपने घर चला गया। गौरतलब है कि छात्रा के अपहरण करने के मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार कर तीन दिन का रिमांड मांगा था। रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में आरोपी की पेशी हुई। यहां से उसे जमानत मिल गई।