जाट आरक्षण पर हाईकोर्ट के स्टे के बाद जाट समाज में आक्रोश का माहौल है। बृहस्पतिवार को नांदल भवन में हुई खाप प्रतिनिधियों की बैठक में इस पर विरोध जताया तो जाट युवाओं ने भी इसके पीछे सरकार की साजिश बताई। निर्णय हुआ कि जल्द ही अगली बैठक बुलाकर ठोस रणनीति बनाई जाएगी।
नांदल खाप प्रधान महेंद्र सिंह नांदल की अध्यक्षता में हुई खाप प्रतिनिधियों की बैठक में जाट आरक्षण मुद्दे पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे पुरानी वकीलों से भी बातचीत की गई। मलिक खाप प्रतिनिधि कैप्टन जगवीर मलिक ने कहा कि सरकार ने जाटों से वायदा किया था कि वह ऐसा कानून बनाकर आरक्षण देगी, जिसे न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। अब सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह न्यायालय में आरक्षण के पक्ष में मजबूती से पैरवी करे और इस अंतरिम रोक को शीघ्र हटवाए। इसके साथ सूची-9 में डालने की भी मांग की गई। हुड्डा खाप प्रधान धर्मपाल हुड्डा ने कहा कि न्यायालय का यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब विभिन्न संस्थानों में विद्यार्थियों के दाखिले शुरू होने जा रहे हैं। यदि यह रोक जारी रहती है तो जाट युवाओं को आरक्षण के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित होना पड़ेगा।
जाट युवा एकता मंच की बैठक 29 को
उधर, जाट युवा एकता मंच ने भी बैठक कर इस पर विरोध जताया। मंच के संयोजक सतीश राणा और नवीन मलिक ने कहा कि आरक्षण को लेकर सरकार झूठ बोल रही है। लग रहा है कि सरकार जाटों को आरक्षण देना नहीं चाहती। निर्णय हुआ कि इसी मुद्दे को लेकर 29 मई को जाट भवन में बैठक होगी। इस मौके पर पूर्व सरपंच संदीप, ओमप्रकाश डागर, जगजीत हुड्डा और दीपक मौजूद रहे।
कलानौर में आज होगा धरना
जाट आरक्षण संघर्ष संचालन समिति की तरफ से शुक्रवार को कलानौर में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया जाएगा। धरने को सफल बनाने के लिए बृहस्पतिवार को मेजर मेहर सिंह मलिक के नेतृत्व में जनसंपर्क अभियान चलाया गया।
यूं बोले जाट नेता
सरकार ने 28 मार्च को बिल पास किया, लेकिन नोटिफिकेशन करने में डेढ़ माह का समय लगा दिया। सरकार ने इसे सूची-9 में भी नहीं डाला। इस श्रेणी में जो भी मुद्दा डाला जाता है कि उस पर हाईकोर्ट संज्ञान नहीं ले सकता। शुरुआत से सरकार की मंशा गलत है। अपने ही किसी कार्यकर्ता से रिट डलवा दी होगी, जिस कारण यह स्टे लगा है। फिलहाल पांच जून से देश भर में जिला स्तर पर जाट न्याय रैली निकाली जाएगी और उसी दिन अनिश्चितकालीन धरने शुरू हो जाएंगे।
- यशपाल मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति।
अभी इस बारे में समीक्षा नहीं की है। जल्दी ही प्रदेश की खापों की मीटिंग बुलाई जाएगी। अक्सर किसी भी याचिका की सुनवाई में लंबा समय लग जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। पिछली सरकार में भी आरक्षण लगभग एक साल लागू रहा था, लेकिन इस बार मामला साजिश का लग रहा है।
- हरदीप अहलावत, रोहतक 84 खाप प्रधान।