सोमवार को एक बार फिर बिजली कर्मी काम नहीं करेंगे। उन्होंने एचवीपीएन कार्यालय का घेराव करके धरना-प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। यह फैसला ठेका कर्मियों को सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में सामूहिक अवकाश में शामिल होने पर हटाए जाने के कारण लिया गया है। प्रदर्शन उन सभी जिलों में होगा, जहां से ठेका कर्मी हटाए गए हैं और ऐसा सभी जिलों में हुआ है। बिजली कर्मियों के काम नहीं करने से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। कहीं भी लाइन में कोई फाल्ट होता है तो उपभोक्ताओं को परेशानी होना तय है। बता दें कि पिछले सामूहिक अवकाश पर कर्मियों की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों में पूरा दिन बिजली कट नहीं लगा था। सोमवार को भी ऐसे ही हालात बन सकते हैं।
प्रदेश की 23 सब डिवीजन का सरकार निजीकरण कर रही है। इनमें रोहतक की सब डिवीजन एक व दो भी शामिल हैं। इसके विरोध में 11 मई को सरकारी कर्मचारी, एग्रीमेंट वाले कच्चे कर्मचारी और ठेका कर्मचारी पूरी तरह से सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। इससे काफी जगह बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। गांवों में पूरे दिन बिजली आपूर्ति जारी रही और कहीं भी कट नहीं लगा। इसके विरोध में निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेका कर्मचारियों को हटा दिया है। जबकि सरकारी कर्मचारी और एग्रीमेंट वाले कच्चे कर्मचारियों का वेतन काटने के साथ ही कई को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में कर्मचारियों ने फिर से आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया है। इसके लिए सोमवार सुबह 10 बजे शहर और ग्रामीण क्षेत्र के सभी कर्मचारी पावर हाउस पर जुटेंगे। इसके बाद पुरानी आईटीआई के पास एचवीपीएन (हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम) के कार्यालय का घेराव करके प्रदर्शन होगा। क्योंकि सबसे ज्यादा ठेका कर्मी एचवीपीएन के अंतर्गत आते थे और उनको काम करने से रोकते हुए हटाने की बात कह दी गई है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर कार्रवाई को वापस नहीं लिया गया तो बेमियादी हड़ताल के साथ हरियाणा भी बंद किया जा सकता है।
प्राइवेट कर्मी नहीं कर पाते फाल्ट ठीक, उपभोक्ताओं को होगी परेशानी
बिजली कर्मचारियों के इस तरह काम नहीं करने का पता चलते ही अधिकारी प्राइवेट कर्मियों को बुला लेते हैं। उनसे काम लेकर लाइन में आने वाला फाल्ट व उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कराया जाता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि वह ना फाल्ट ठीक कर पाते हैं और न ही उपभोक्ताओं की समस्या दूर कर पाते हैं। 11 मई के दिन भी कुछ इस तरह के हालात हुए थे। इससे बिजली निगम को नुकसान भी उठाना पड़ता है और कर्मियों के काम नहीं करने से अतिरिक्त बिजली खर्च हो जाती है।
अन्य कई संगठन व विभागों के कर्मचारियों का मिलेगा समर्थन
बिजली निगम कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई के विरोध में शुरू हो रहे आंदोलन को अन्य कई संगठन व अन्य विभागों के कर्मचारियों का समर्थन मिलने की बात कही जा रही है। क्योंकि पहले भी कई संगठनों का समर्थन मिला था और अब सर्व हरियाणा कर्मचारी महासंघ के साथ ही अन्य विभागों के कर्मचारी साथ आने का आश्वासन दे चुके हैं।
कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई वापस लेने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार को एचवीपीएन के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और कर्मचारी काम नहीं करेंगे। यह आंदोलन बड़ा हो सकता है।
बिजेंद्र बेनिवाल, वरिष्ठ नेता ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर