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हाथों से नहीं दांतों से निशाना भेदता है यह ‘एकलव्य’

Sun, 15 May 2016 02:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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अभिषेक राव ठावरे - फोटो : amar ujala
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 महाभारत काल में एकलव्य ने अंगूठा नहीं होने के बाद भी धनुर्विद्या का लोहा मनवाया था। लेकिन नागपुर का अभिषेक पूरा हाथ नहीं होने के बावजूद निशाना साधता है। बचपन में हाथ खराब हो गया तो क्या अभिषेक ने दांतों के सहारे निशाना लगाना शुरू किया। शनिवार को रोहतक के राजीव गांधी स्टेडियम में अभिषेक ने अपने निशाने का लोहा मनवाया। यहां चल रही पैरा नेशनल चैंपियनशिप में अभिषेक राव ठावरे ने जब एक हाथ में धनुष थाम दांतों से तीर खींचा तो दर्शक हैरान रह गए। दांतों से तीर खींचने वाले देश के एकमात्र इस तीरंदाज ने अपने अचूक निशानों की बदौलत प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया।
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अभिषेक जब एक साल के थे तो गलत इंजेक्शन के कारण उनका एक हाथ खराब हो गया। अभिषेक के पिता नागपुर में एक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी में मजदूरी करते हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण माता-पिता अपने लड़के का उचित इलाज नहीं करा पाए। अभिषेक ने बताया कि गरीबी और दिव्यांगता के बावजूद घर वालों ने उसे कभी भी कमजोर नहीं पड़ने दिया। एक दिन अभिषेक को किसी ने तीरंदाजी में अवसर तराशने की सलाह दी। लेकिन दिक्कत यह थी कि अभिषेक का एक हाथ बिल्कुल भी काम नहीं करता था। एक दिन उसकी मुलाकात तीरंदाज विलास धवने से हुई। उन्होंने अभिषेक की जिज्ञासा को देखते हुए उसे मुंह से तीर चलाने की सलाह दी।

मां ने गिरवी रख दिए गहने

अभिषेक ने घर आकर अपनी माता-पिता को तीरंदाजी में भविष्य बनाने की इच्छा बताई। पहले तो दोनों खुश हुए, लेकिन जब अभिषेक ने धनुष खरीदने के लिए ढाई लाख रुपये की बात कही तो दोनाें के चेहरे उतर गए। थोड़ी देर बाद मां अंदर गई और घर में रखे अपने जेवर डेढ़ लाख रुपये में गिरवी रख आई। बाकी एक लाख रुपये का इंतजाम विलास धवने ने किया।
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लेते हैं फीजियो की मदद

धनुष का तार खींचते समय एक सामान्य आदमी के भी हाथ धूज जाते हैं, इसके बावजूद अभिषेक दांतों से इस तीर को खींच लेता है। अभिषेक ने बताया कि शुरू में तो बहुत दिक्कत हुई, लेकिन अब आदत हो गई है। समय-समय पर फीजियो की भी मदद लेते हैं।

पदक डाले झोली में

अभिषेक ने नागपुर यूनिवर्सिटी में हुई सीनियर चैंपियनशिप में दो गोल्ड और बडौदरा में हुई चैंपियनशिप में एक सिल्वर मेडल हासिल किया। अब अभिषेक का लक्ष्य किसी भी तरह जून में चैक गणराज्य में होने वाले पैरा वर्ल्ड कप में जगह बनाना है।

हरियाणा के तीरंदाजों ने झटके पदक

हरियाणा पैरा तीरंदाजी संघ की ओर से राजीव गांधी स्टेडियम में करवाई गई दो दिवसीय पैरा नेशनल चैंपियनशिप शनिवार को पूरी हो गई। चैंपियनशिप में हरियाणा के तीरंदाज छाए रहे। संघ के सचिव संजय सुहाग ने बताया कि प्रतियोगिता में इंडियन राउंड की व्यक्ति ओलंपिक प्रतिस्पर्धा में हरियाणा के जितेंद्र ने गोल्ड, हरियाणा के नरेश ने रजत एवं दिल्ली के मोहम्मद आसिफ को कांस्य पदक जीता। रिकवर राउंड में हरियाणा के राजेश को गोल्ड, हरियाणा के कुलदीप को रजत और यहीं के हरविंद्र को कांस्य पदक मिला। रिकवर की व्यक्तिगत ओलंपिक प्रतिस्पर्धा में हरियाणा के कुलदीप शर्मा ने गोल्ड, राजेश ने रजत और हरविंद्र सिंह ने कांस्य पदक जीता। रिकवर में लड़कियों में हरियाणा की पूजा ने गोल्ड मैडल हासिल किया। कंपाउंड और कंपाउंड की व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा (लड़काें) में राजस्थान के श्यामसुंदर ने गोल्ड, हरियाणा के तारीफ ने रजत और तेलंगाना के कंतम श्रीनिवास ने कांस्य पदक जीता। लड़कियों में झारखंड की भवानी कुमारी ने गोल्ड और झारखंड की कल्याणी कुमारी ने रजत पदक हासिल किया। नेशनल प्रतियोगिता के रिजल्ट के आधार पर फेडरेशन खिलाड़ियों को अगले माह चैक गणराज्य में होने वाले पैरा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में भेजने पर विचार कर रही है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया।
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