सत्र 2016-17 में डिस्टेंस की मान्यता को लेकर यूजीसी ने देश भर की यूनिवर्सिटी से प्रजेंटेशन मांगी है। एमडीयू समेत प्रदेश भर की चार यूनिवर्सिटी को 30 मई को अपनी प्रजेंटेशन देनी होगी। प्रजेंटेशन से संतुष्ठ होने के बाद यूजीसी की तरफ से इन यूनिवर्सिटी को डिस्टेंस की मान्यता मिलेगी।
यूजीसी ने सबसे पहले प्रजेंटेशन के लिए हरियाणा, बिहार और असम की यूनिवर्सिटी को बुलाया है। 30 मई को एमडीयू, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार और चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी सिरसा को प्रजेंटेशन देनी होगी। इसमें दूरस्थ शिक्षा की पढ़ाई के लिए यूनिवर्सिटी के पास कौन-कौन से कोर्स है? कितनी फैकल्टी और कितने छात्र है? आदि की जानकारी देनी होगी। इसमें महत्वपूर्ण बिंदु यह रखा गया है कि डिस्टेंस की पढ़ाई को और प्रभावी बनाने के लिए किसी यूनिवर्सिटी के पास क्या योजनाएं हैं। अन्य कई बिंदुओं पर भी यूनिवर्सिटी के अधिकारी प्रजेंटेशन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद यूजीसी तय करेगा कि किस यूनिवर्सिटी को डिस्टेंस की मान्यता के लिए हरी झंडी देनी है।
आशंका : खटाई में न पड़ जाए मान्यता
पिछले वर्ष एमडीयू को दूरस्थ शिक्षा की मान्यता के लिए लंबी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। इसका मुख्य कारण यह था कि एमडीयू के पास डिस्टेंस में रेगुलर फैकल्टी नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रशासन कई बार फैकल्टी की नियुक्ति के लिए सरकार को पत्र लिख चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसी वजह से पिछले साल सत्र के आखिरी में मान्यता मिली थी। इसमें भी एमडीयू ने पक्ष दिया था कि उनके पास डिस्टेंस की जो फैकल्टी दूसरे डिपार्टमेंट में कार्यरत है उन्हें वापस डिस्टेंस में बुला लिया जाएगा। इसके बाद एक फैकल्टी को डिस्टेंस में बुलाया भी गया लेकिन उनका भी रिटायरमेंट हो गया है, अन्य फैकल्टी ने आने से मना कर दिया था। मान्यता मिलने के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन अब एक बार फिर पिछले सत्र वाली ही स्थिति सामने आ गई है।
यूजीसी ने नए प्रोफार्मा पर प्रजेंटेशन मांगी है, जिसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। 30 मई को एमडीयू समेत अन्य कई यूनिवर्सिटी को भी प्रजेंटेशन देनी है।
- प्रो. कुलदीप छिकारा, डायरेक्टर डिस्टेंस एजुकेशन, एमडीयू।