हरियाणा रोडवेज में यूरो-6 तकनीक की 809 बसें शामिल की जाएंगी। सेंसर युक्त इन बसों को चालक 90 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार में नहीं दौड़ा सकेंगे। बस को कितनी रफ्तार में चलाया है, इसका विवरण वर्कशॉप में आते ही पता चलेगा। सूत्रों का कहना है कि 400 बसें चंडीगढ़ मुख्यालय में आ चुकी हैं, जिनकी मरम्मत की जल्द ट्रेनिंग दी जाएगी।
वहीं, रोहतक डिपो को यूरो-6 तकनीक की करीब 40 बसें मिलेंगी। रोहतक डिपो के प्रभारी सुरेंद्र सिवाच ने बताया ने नई बसों की वर्कशॉप में मरम्मत की तकनीक की जल्द ट्रेनिंग दी जाएगी। ये बसें पूरी तरह से सेंसर युक्त होने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक की है। इन बसों की स्पीड निर्धारित होगी, जो 90 किमी. प्रति घंटा है। इंजन में खराबी आते ही बस का सेंसर अलार्म बजाने लगेगा। उन्होंने बताया कि बसों की मरम्मत की ट्रेनिंग करीब 10 दिन चलेगी।