रोहतक में चार लोगों की मौत मामले में विवाहिता के मायके वालों ने शव लेने से इंकार कर दिया था। लेकिन प्रशासन के आश्वासन पर परिजनों ने शवों को ले लिया और एक चिता में अंतिम संस्कार किया। वहीं, पुलिस ने हत्या व आत्महत्या का मामला दर्ज किया है।
रोहतक के सल्लारा मोहल्ले में शनिवार को चार लोगों की मौत मामले मे परिवार के चारों लोगों का एक ही चिता में अंतिम संस्कार किया गया। पहले तो विवाहिता के मायके वालों ने शव लेने से इंकार कर दिया था। रविवार शाम चार बजे तक पीजीआई के डेड हाउस के बाहर जमा लगाकर बैठे थे। लेकिन फिर प्रशासन की आश्वासन पर परिजन ने शवों को ले लिया।
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ये था पूरा मामला
झज्जर जिले के गांव कबलाना निवासी संदीप ने पुरानी सब्जी मंडी थाने में शिकायत दी थी कि उसकी बहन रीना की शादी 2016 में सल्लारा मोहल्ला, रोहतक निवासी संदीप के साथ हुई थी। संदीप की मां का उसके बचपन में ही देहांत हो गया था। उसकी बहन रीना व बहनाई संदीप को उसका ससुर होशियार सिंह, सास सविता व देवर उमेश तंग कर रहे थे। वे संदीप के मकान का आधा हिस्सा लेना चाहते थे। शादी के एक साल बाद ही संदीप परिवार से अलग रहा रहा था।
उसकी बहन रीना व बहनोई संदीप मानसिक तौर पर परेशान चल रहे थे। वे ढाई बजे सूचना पाकर रोहतक पहुंचे। उसके बहनोई संदीप ने अपने घरवाले से परेशान होकर मेरी बहन रीना व भान्जी चेतना की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में बेटे भावेश उर्फ ईशु को साथ लेकर रेल के नीचे जाकर आत्महत्या कर ली। बहनोई संदीप ने अपनी मां सविता, पिता होशियार सिहं व भाई उमेश से तंग आकर रीना व बेटी चेतना की हत्या कर आत्महत्या की है। पुलिस ने हत्या व आत्महत्या का मामला दर्ज किया था।