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लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता के बीच मीडिया की विश्वसनीयता जरूरी : डॉ. शबनम

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रोहतक। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता के बीच मीडिया की विश्वसनीयता आज के समय में बहुत जरूरी है। जाट कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनं संचार विभाग में टेलीविजन के प्रसारण दिवस के उपलक्ष्य में हुए व्याख्यान में प्राचार्य डॉ. शबनम राठी ने यह बात कही। इसमें मुख्य वक्ता जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी संजीव सैनी रहे। मुख्य वक्ता का कॉलेज प्राचार्य डॉ. शबनम राठी, डॉ. मुनीष नांदल, डॉ. रामिंद्र हुड्डा और पत्रकारिता जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. जसमेर सिंह ने स्वागत किया।
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प्राचार्य डॉ. शबनम राठी ने कहा कि मौजूदा दौर में लोकतंत्र की मजबूती के लिए मीडिया की जनता के बीच विश्वसनीयता बेहद जरूरी है। लोग आज भी मीडिया द्वारा प्रसारित की जाने वाली सूचनाओं पर भरोसा करते हैं। इसलिए मीडिया का भी जनता के प्रति दायित्व बनता है कि वे इस विश्वास को बनाए रखें। विभाग की कॉओर्डिनेटर डॉ. मुनीष नांदल ने बताया कि उस समय किस प्रकार कार्यक्रमों का इंतजार रहता था और भाषा शैली के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास का भी बहुत माध्यम टेलीविजन होता था। मुख्य वक्ता संजीव सैनी ने विद्यार्थियों को बताया कि टेलीविजन को विज्ञान का अद्भुत आविष्कार कहा जाता है। 15 सितंबर 1959 को टेलीविजन की दुनिया का ऐतिहासिक दिवस है। इस दिन टेलीविजन पर भारत में पहला प्रसारण किया गया था। टेलीविजन ने 21वीं सदी में जनमानस पर एक अमिट छाप छोड़ी है। प्रारंभ में टेलीविजन पर सिर्फ श्वेत-श्याम चित्र देखे जा सकते थे।
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