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रोडवेज बस के सहारे यात्रा करना चाहते हैं तो जरा ठहर जाइये

Tue, 11 Apr 2017 08:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए रोडवेज के कर्मचारी - फोटो : amar ujala
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यदि आप रोडवेज बस के सहारे यात्रा करना चाहते हैं तो जरा ठहर जाइये। निजी बसों को परमिट जारी करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इससे शहर के नए बस स्टैंड सहित सभी स्टैंड से रोडवेज बसें नहीं चल पा रही हैं। सरकार और रोडवेज कर्मचारी यूनियन के बीच बात नहीं बनी तो मंगलवार को भी रोडवेज बसें सड़क पर नहीं आएंगी। ऐसे में बेहतर होगा कि यात्रा को टाल दें। यदि बेहद जरूरी है तो निजी वाहन या ट्रांसपोर्ट का सहारा ले सकते हैैं। हालांकि रेलवे के रास्ते भी आप गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।  
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 दरअसल, चंडीगढ़ में परिवहन विभाग के एडिशनल सचिव के साथ रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की सोमवार को हुई बात बेनतीजा रही। सूचना मिलते ही दोपहर बाद रोहतक में भी कर्मचारियों ने रोडवेज बसों का चक्का जाम कर दिया गया। सभी कर्मचारी यूनियनों ने मिलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। बसों नहीं चलीं तो यात्री परेशान हो उठे। इधर सरकारी बसों के पहिए थमे और उधर निजी बसों और वाहनों की लंबी कतार लग गई। जितने यात्री निजी बसों के अंदर यात्रा कर रहे थे, उससे कहीं ज्यादा यात्री निजी बसों की छतों पर दिखाई दे रहे थे। स्कूल, कॉलेज आने वाली लड़कियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

यूनियन की बात : निजी बसों को परमिट न दिया जाए

इंटक के राज्य महासचिव महावीर मलिक ने बताया कि परिवहन विभाग ने नई परिवहन नीति-2016 के तहत निजी बसों को परमिट जारी किए हैं। इसका यूनियन ने विरोध किया लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। तालमेल कमेटी की परिवहन विभाग के एडिशनल सचिव से हुई वार्ता सफल नहीं हुई और जींद में जबरन निजी बसोें को स्टैंड पर लगाया जाने लगा। इसके बाद से ही सभी डिपो में हड़ताल कर दी गई। नए बस स्टैंड परिसर में दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से बसों का संचालन रुकवा दिया गया। यूनियन की मांग है कि नई परिवहन नीति 2016 को रद्द किया जाए और निजी बसाें को परमिट न दिया जाए।
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स्टैंड में नहीं घुसने देंगे निजी बसें

निजी बसों को बस स्टैंड परिसर में घुसने ही नहीं देंगे, इसके लिए चाहे जो करना पड़े। सरकार को नई परिवहन नीति को रद्द कर निजी बसों को परमिट देना बंद करना चाहिए।
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- रामकरण हुड्डा, राज्य कार्यालय सचिव, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबंधित इंटक।

स्टेट लेवल का मामला, हम कुछ नहीं कर सकते

यह स्टेट लेवल का मामला है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं। हम मुख्यालय को रिपोर्ट बनाकर भेज रहे हैं।
- राहुल जैन, महाप्रबंधक, हरियाणा राज्य परिवहन, रोहतक।
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