रोहतक। गणेश चतुर्थी महोत्सव सांत सितंबर से मनाया जाएगा। पर्व को लेकर कलाकारों ने भी भगवान गणेश की प्रतिमा बना शुरु कर दिया है। गणेश चतुर्थी पर शहर में राजस्थानी कलाकारों के हाथ से बनी बप्पा की प्रतिमाएं विराजमान की जाएंगी। शहर व आसपास के लोगों ने गणेश चतुर्थी के त्योहार के लिए बप्पा की प्रतिमा बनवाना शुरु कर दिया है। ज्यादातर प्रतिमा इको फ्रेंडली हैं। इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। भगवान गणेश अपनी प्रतिमाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देते नजर आएंगे।
मूर्तिकार ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की आस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बाजार भी भगवान गणेश की प्रतिमा से अटा हुआ है। यहां बिक्री के लिए छोटी बड़ी मूर्तियां सजा कर रखी हैं।
जींद रोड पर राजस्थान के मूर्तिकार भरत ने बताया कि उसके पास 15 फीट तक की प्रतिमा तैयार करने का काम चल रहा है। शहर के बाजारों में इस बार बड़ी प्रतिमा ज्यादा हैं। शहर के अलावा पंजाब, चंडीगढ, राजस्थान, बहादुरगढ़, जींद, सोनीपत, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद तक की प्रतिमा बनने का काम मिला है। ग्रामीण क्षेतत्रे छोटे बड़े दुकानदारों ने भी मूर्ति तैयार करने का काम दिया है। इसके चलते दिन रात मूर्ति निर्माण जारी है। प्रतिमा बनने के साथ भगवान गणेश के नैन नक्श पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। उनके आसन को भी खास बनाया जा रहा है।
मिट्टी से तैयार की जा रही बप्पा की मूर्तियां
भारत ने बताया कि बप्पा की मूर्तियां मिट्टी व चौक मिट्टी से तैयार की जा रही हैं। ये मूर्तियां 20 इंच से लेकर 15 फीट तक की हैं। इनकी कीमत 100 रुपए से लेकर 20 हजार रुपए तक है। प्रत्येक मूर्ति आकार व विभिन्न मुद्राओं में बनाई जा रही हैं। छोटी मूर्तियों की मांग ज्यादा है। मिट्टी की मूर्तियों की विशेष मांग है।