बुधवार को पीजीआई में हंगामा हो गया। एआईपीएमटी की काउंसिलिंग के बाद देशभर में रिक्त रह गई सीटों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार पीजीआई प्रबंधन पर भारी पड़ा। फैसले के इंतजार में प्रबंधन ने एमबीबीएस स्टेट कोटे की काउंसिलिंग दिन भर रोके रखी। जब कोई निर्णय नहीं आया तब सुबह नौ बजे होने वाली काउंसिलिंग शाम 7 बजे शुरू की गई। दिनभर इंतजार और हंगामे से गुस्साए अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया और डायरेक्टर ऑफिस तक का घेराव कर दिया। पीजीआई प्रशासन को पुलिस तक बुलानी पड़ी। शाम को शुरू हुई काउंसिलिंग रात करीब ढाई बजे तक जारी रही।
पीजीआई में एमबीबीएस स्टेट कोटे की काउंसिलिंग बुधवार सुबह नौ बजे रखी गई थी। तय समय से पहले ही अभ्यर्थी पीजीआई पहुंच गए थे। लेकिन काउंसिलिग शुरू नहीं हुई। काफी देर इंतजार करने के बाद जब अभिभावकों ने पीजीआई प्रबंधन से जानकारी मांगी तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला। 11 बजे तक भी स्थिति साफ नहीं हुई तो अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने हंगामा कर दिया। बताया गया कि कोर्ट का निर्णय आने तक काउसिंलिंग रोकी गई है। फैसला आते ही शुरू कर दी जाएगी।
इसलिए रुकी काउंसिलिंग
दरअसल कुछ समय पहले एआईपीएमटी की काउंसिलिंग हुई थी। इसमें देशभर में करीब 875 सीट खाली रह गईं थीं। इन रिक्त सीटों को एमसीआई ने प्रदेश की सीटों में मर्ज करने का निर्देश दिया और कहा कि प्रदेश स्तर पर ही काउंसिलिंग करा ली जाए। बताया जाता है कि एआईपीएमटी में क्लियर हुए कुछ अभ्यर्थियों ने एमसीआई के इस निर्णय के विरोध में कोर्ट में याचिका दायर कर दी।
इन अभ्यर्थियों का तर्क था कि एआईपीएमटी की सीट एआईपीएमटी की काउंसिलिंग के जरिये ही भरी जानी चाहिए। इसके लिए एक और काउंसिलिंग कराई जाए। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले में सुनवाई होनी थी। नाम न छापने की शर्त पर पीजीआई के एक चिकित्सक ने बताया कि उम्मीद थी कि कोर्ट इस पर बुधवार को निर्णय दे देगी। यदि कोर्ट एमसीआई के निर्णय को ही लागू करने का निर्देश देती तो इसी काउंसिलिंग में एआईपीएमटी की रिक्त सीटों की भी काउंसिलिंग करानी होती। इसलिए स्टेट काउंसिलिंग को रोका गया।
करोड़ों रुपए थे काउंसलिंग स्थल पर
अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए दूसरी परेशानी ये भी रही कि यहां काउंसलिंग में पहुंचने के साथ वे एक लाख से अधिक की राशि लेकर यहां आए थे और काउंसलिंग प्रक्रिया के शुरू ना होने पर उन्हें ये राशि संभालने की चिंता के साथ चौकस रहना पड़ा।
नहीं बताया हॉस्टल के लिए भी जमा होगी फीस
सोनीपत से आए अभिभावक हरदीप सिंह ने बताया कि काउंसलिंग के लिए जो सर्कुलर जारी किया गया था,उसमें नगद राशि के रुप में फीस का जिक्र किया गया था, लेकिन हॉस्टल फीस भी जमा कराई जाएगी, इसका जिक्र नहीं किया गया। वहीं जब शाम को काउंसलिंग शुरु हुई तो लोगों को इसकी जानकारी मिली।
अभिभावक बोले बदइंतजामी की हद कर दी
परविंद्र नरुला ने बताया कि राज्यभर से काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए 1000 से अधिक विद्यार्थियों और इससे अधिक संख्या में अभिभावकों के पहुंचने की जानकारी आयोजकों को पहले से थी,लेकिन यहां काउंसलिंग प्रक्रिया की बदइंतजामी ने हद कर दी, यहां बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। बाहर से आने वाले लोगों को वापस जाने के लिए भी परेशानी उठानी पड़ेगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी कोई इंतजाम नहीं किया। उन्होंने कहा कि आज जिस हालात में काउंसलिंग प्रक्रिया इतनी देर से शुरु हुई है,उससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आज आल इंडिया कोर्ट की भी नहीं हुई काउंसलिंग
बेटी की काउंसलिंग के लिए आए अभिभावक डा.धर्मवीर सिंह के मुताबिक एमबीबीएस आल इंडिया कोटे की काउंसलिंग आज होनी थी,लेकि न कोर्ट के एक फैसले के कारण ये काउंसलिंग फिलहाल स्थगित मानी जा रही है। अब ये काउंसलिंग होगी या नहीं,इस पर भी संशय बना हुआ है। उन्होंने बताया कि आल इंडिया कोटे की अभी तक तीन काउंसलिंग हो चुकी है। उन्होंने बताया कि आज इसी की वजह से स्टेट कोटे की काउंसलिंग में देरी हुई है।