शहर के प्रमुख रास्तों और चौराहों पर घूमने वाले गोवंश के झुंडों से हादसे की आशंका बढ़ गई है। उधर, नगर निगम की पशु पकड़ने वाली गाड़ी का उपयोग बारिश के दौरान पानी निकासी करने वाले पंप और मोटर ढोने में किया जा रहा है। निगम ने 15 जुलाई से गोवंशों को पकड़ने का अभियान भी बंद कर रखा है। वहीं निगम आयुक्त का कहना है कि बारिश में सूखे स्थान की तलाश में गोवंश सड़क पर आ जाते हैं। निगम अधिकारियों का दावा है कि टोल फ्री नंबर पर शिकायत मिलते ही टीम को मौके पर भेज कर इन गोवंशों को पकड़ कर गोशालाओं में भेजा जा रहा है।
शहर की सड़कों पर इन दिनों बेसहारा घूमने वाले गोवंशों की संख्या बढ़ गई है। व्यस्ततम बाजारों, कॉलोनियों, मोहल्लों और सेक्टरों में गोवंश झुंड के साथ विचरण कर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है। ज्ञात हो कि गोवंश पकड़ने के लिए एक एएसआई समेत 11 सदस्यों की टीम गठित है। वहीं नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के चलते 15 जुलाई से खुले में घूम रहे गोवंश को पकड़ने का अभियान बंद है। टीम को अन्य काम पर लगा दिया गया है। अब जब तक बारिश खत्म नहीं होगी, तब तक गोवंश को पकड़ने का अभियान चलाना संभव नहीं है।
ये भी है वजह
नगर निगम के अफसरों का कहना है कि गोवंश कभी भी जलभराव अथवा गीली जगह पर बैठना पसंद नहीं करता है। वह सूखे स्थान की तरफ चला जाता है। चूंकि बारिश के बाद सड़कें पहले सूख जाती हैं, इसलिए गोवंश सड़क पर आ जाते हैं।
पहरावर गोशाला में तीन हजार से ज्यादा गोवंश
नगर निगम की टीमें शहर से तीन हजार से ज्यादा गोवंशों को पकड़कर पहरावर गोशाला में पहुंचा चुकी है। यहां क्षमता से अधिक गोवंश हैं। निगम गोशाला में आने वाले गोवंश पर हर माह औसतन 19.50 लाख रुपये चारे पर खर्च कर रहा है। निगम प्रशासन एक गोवंश के चारे पर 21 रुपये रोजाना खर्च करता है। इसके अलावा अन्य खर्च अलग हैं।
इन क्षेत्रों में संभल कर चलें
झज्जर रोड व दिल्ली रोड पर रात के समय गोवंश के झुंड सड़कों पर बैठे रहते हैं। इसके अलावा मेडिकल मोड़ एरिया, मॉडल टाउन चौक, सुभाष नगर, गांधी कैंप सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन रोड, शिवाजी नगर सब्जी मंडी, न्यू बस स्टैंड, बाबरा मोहल्ला, सेक्टर-एक, सेक्टर-दो की मार्केट में काफी संख्या में गोवंश सड़कों पर बैठे मिल जाते हैं।
बारिश में गोवंश सूखे स्थान की तलाश में सड़कों पर आ जाता है। बारिश के कारण ऐसा भी नहीं है कि खुले में घूम रहे गोवंश को पकड़ना बंद कर दिया गया है। टोल फ्री नंबर 18001805007 पर आने वाली शिकायतों को खुद देखता हूं। शुक्रवार को आई शिकायतों पर टीम को भेजकर खुले घूम रहे गोवंशों को पकड़वाया है।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम