रोहतक। मानसून की दूसरी बारिश ने फिर से प्रशासन की लापरवाही को सामने लाकर रख दिया। शनिवार को हुई बारिश के कारण शहर की सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया। शनिवार को कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण जाम की समस्या भी हो गई और तीन घंटे के करीब वाहन सड़कों पर रेंगते रहे। शहर के विभिन्न इलाकों के घरों व दुकानों में पानी भर गया। बारिश रुकने के करीब तीन घंटे बाद भी जलभराव कम नहीं हुआ।
हालांकि 7 जुलाई को शहर की जलभराव की समस्या को लेकर जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता रोहित ने दावा किया था कि उनका पूरा सिस्टम ओके है, जलभराव की अब कोई समस्या नहीं आएगी। लेकिन बारिश ने उनके दावे की पोल खोल दी।
गोहाना रोड पर नाले की गंदगी बनी परेशानी का कारण
गोहाना रोड पर स्थित नाले की कुछ दिन पहले सफाई की गई थी। सफाई करने के कई दिन बाद भी गंदगी के ढेर नाले के पास ही पड़े रहे। बारिश के कारण गंदगी सड़क पर फैल गई। गंदगी बारिश के कारण बह कर नाले में ही दोबारा चली गई। वहीं गोहाना रोड पर करीब एक फुट पानी खड़ा हो गया, इस कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोबारा दिखी प्रशासन की नाकामी
30 जून को हुई मानसून की पहली बारिश से हुए जलभराव के कारण प्रशासन शहरवासियों के निशाने पर रहा। बाद में राजनीतिक लोगों के हस्तक्षेप के बाद जन स्वास्थ्य विभाग के एक जेई को बर्खास्त कर तमाम सवालों से पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी। जेई की बहाली के लिए आठ दिन तक डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने हड़ताल की थी। शुक्रवार को ही चंडीगढ़ मुख्यालय से जेई की बहाली का आश्वासन मिलने के बाद धरना खत्म किया था।
यहां हुआ जलभराव
सेक्टर एक, सेक्टर दो, सेक्टर तीन, सेक्टर चार, हुडा कांप्लेक्स, सुभाष चौक, जींद बाईपास चौक, हिसार रोड, शीला बाईपास, सोनीपत रोड, मेडिकल मोड़ व अन्य जगहों पर जलभराव रहा।
वर्जन-
एक बार बारिश होती है तो जलभराव होना स्वाभाविक है। समय रहते पानी निकल गया अब कोई समस्या नहीं है। बारिश के पानी की निकासी का सारा सिस्टम सही है।
- विनित रोहिल्ला, एसडीई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
शनिवार को दिन भर बारिश के बाद रेलवे रोड पर भरे पानी से गुजरते लोग। अमर उजाला- फोटो : RohtakCity
बारिश के बाद रेलवे रोड पर निजी अस्पताल में भरा पानी । अमर उजाला- फोटो : RohtakCity