रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक ओर बड़ा मामला सामने आया है। अब दो आरोपियों ने सांपला के व्यक्ति ने उसके भतीजे की नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं आरोपियों ने अन्य लोगों को भी अपने झांसे में लेकर करोड़ों की रकम हड़प ली। इस संबंध में सांपला थाने में दिल्ली के सौरभ सिंह और गुरु प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया गया हैं। इससे पहले भी रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया था।
पुलिस को दी शिकायत में खेड़ी सांपला निवासी भोला राम ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करके परिवार का गुजारा करते हैं। एक साल पहले उनक ा एक परिचित सांपला में आरोपी सौरभ और गुरु प्रसाद को लेकर आया। भोला राम ने अपने भतीजे तरुण की नौकरी लगवाने की बात शुरू की तो आरोपियों ने कहा कि उनकी रेलवे में अच्छी पकड़ है।
आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि वे तरुण की रेलवे के आईटी विभाग में नौकरी लगवा देंगे। आरोपी सौरभ ने कहा कि वह खुद भी रेलवे के आईटी विभाग में नौकरी करता है। इस तरह आरोपियों ने भोला राम को भरोसे में ले लिया। आरोपियों ने नौकरी लगवाने के एवज में भोला राम से 10 लाख रुपये मांगे। भोला राम ने थोड़ा थोड़ा करके सारी रकम आरोपियों को दी। लेकिन आरोपियों ने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये वापस किए। अब भोला राम का आरोप है कि आरोपियों के बारे कुछ पता नहीं चल रहा है। दोनों ने अपने मोबाइल नंबर भी बंद कर लिए हैं। दूसरी तरफ अपने दिल्ली के पते के बारे में भी आरोपियों ने पहले कुछ नहीं बताया था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर लेकर जयपुर पहुंचे तो हुआ खुलासा
जब आधे रुपये आरोपियोें के हाथ में चले गए तो उन्होंने तरुण का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा। इसमें लिखा था कि राजस्थान के जयपुर में जाकर रिपोर्ट करें। ज्वाइनिंग लेटर भेजने के बाद आरोपियों ने शेष रकम भी हड़प ली। जब तरुण ज्वाइनिंग लेटर लेकर जयपुर पहुंचा तो वह अधिक ारियों की बात सुनकर हैरान रह गया। यहां खुलासा हुआ कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। इस तरह की कोई भर्ती नहीं हुई है। तब तरुण ने सारी बात अपने परिजनों को बताई।
ग्रुप सी और डी में दिया था भर्ती कराने का लालच
भोला राम ने बताया कि आरोपियों ने ग्रुप सी और डी में भर्ती कराने का लालच दिया था। दोनों में से किसी भी ग्रुप में भर्ती कराने की बात कही थी। भोला राम का कहना है कि वैसे तो दोनों आरोपियों ने खुद का निवास दिल्ली में बताया था। लेकिन उनका कहना था कि वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। अब पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके।
प्लानिंग कर ठगी रकम, फिर फरार
आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के तहत ठगी की। पहले तो उन्होंने एक व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके दोस्त व रिश्तेदारों तक पहुंच बनाई। इसके बाद रिश्तेदारों और दोस्तों को भी झूठा दिलासा देकर झांसे में फंसा लिया। इसी तरह आरोपियों ने जिले भर से कई लोगों से करोड़ों की ठगी की। अब इनकी शिकायत पुलिस के पास आ रही है। हालांकि अभी तक पुलिस को आरोपियों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली हैं।