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विजय नगर के तिहरे हत्याकांड के पीछे प्रॉपर्टी विवाद या रंजिश, करीबी भी पुलिस की रडार पर

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शव को घर से बाहर निकालते लोग। अमर उजाला
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शहर के विजय नगर में हुए तिहरे हत्याकांड के पीछे प्रॉपर्टी विवाद है या पुरानी रंजिश। यह तो पुलिस की गहन जांच पड़ताल के बाद खुलासा हो सकेगा। लेकिन पुलिस मृतक प्रदीप उर्फ बबलू के करीबियों की भी गतिविधियां खंगाल रही है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस जांच की गति बढ़ाएगी। तब तक सीआईए 1, सीआईए 2 व शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस अपने-अपने तरीके से छानबीन कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक जांच पड़ताल से पता चला है कि प्रदीप उर्फ बबलू तीन दिन से तनाव में था। दो दिन पहले ही उसकी सास रोशनी घर आई थी। अब बबलू तनाव में क्यों था। उसके मन में क्या चल रहा था, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। बेटा व दूसरे परिजन वारदात से आहत हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के पीछे प्रॉपर्टी विवाद की संभावना से इनकार नहीं किया जा सका। ऐसे में प्रॉपर्टी के लेनदेन का रिकॉर्ड भी जुटाया जा रहा है। साथ ही बबलू के करीबी लोगों की गतिविधियां भी जांची जा रही हैं। वहीं, पीजीआई में दाखिल नेहा वारदात का राज खोल सकती है। फिलहाल उसकी सुरक्षा में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
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प्रवीण पर भी फायरिंग की बात उठी, एफआईआर में जिक्र नहीं
पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि काले रंग की कार में सवार कुछ लोगों ने घटना की सूचना पाकर घर आ रहे प्रवीण की गाड़ी पर भी फायर किया। अब इस फायरिंग का घटना से क्या संबंध है। इसकी पुलिस गहराई से जांच पड़ताल कर रही है। हालांकि प्रवीण ने शिवाजी कॉलोनी थाने में दर्ज कराई एफआईआर में फायरिंग का जिक्र नहीं किया है।
पड़ोसियों को नहीं लगी भनक
एक घर में पांच राउंड फायरिंग हुई, लेकिन किसी पड़ोसी को भनक तक नहीं लगी। इससे साफ है कि किसी ने बेहद करीब से सिर को निशाना बनाकर फायरिंग की है। इतना ही नहीं, अंदर से दरवाजा बंद था। ऐसे में हमलावर आसानी से छत के रास्ते ही फरार हो गए। घर में किसी तरह की लूटपाट नहीं हुई। ऐसे में लूट के बाद हत्या की वारदात की थ्योरी भी सिरे से खारिज हो रही है।
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घटनास्थल पर नहीं मिला हथियार, पुलिस ने दो बार की जांच
पुलिस ने घटनास्थल से केवल 32 बोर के पांच खोल बरामद किए हैं। किसी तरह का हथियार बरामद नहीं हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दो घंटे पहले और एक घंटा शाम को घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच करने एसपी राहुल शर्मा के अलावा डीएसपी महेश कुमार, डीएसपी सज्जन सिंह व डीएसपी गोरखपाल राणा के अलावा सीआईए 1, सीआईए 2, महम, शिवाजी कॉलोनी थाना व सिटी थाने की पुलिस भी पहुंची।
किसान समर्थक था बबलू
बबलू के करीबी दोस्त शक्ति ने बताया कि प्रदीप उर्फ बबलू बेहद संवेदनशील व्यक्ति था। किसी के साथ कभी झगड़ा करते नहीं देखा। किसानों का समर्थक रहा है। दोस्तों के साथ हुक्के पर अक्सर बैठता था। उनको अगर कोई काम होता तो दोपहर डेढ़ बजे ही फोन करते थे। क्योंकि बबलू की आदत देर रात सोने की थी। ऐसे में सुबह भी देरी से उठता था।
बच्चों से बेहद प्यार करता था बबलू
लोगों ने बताया कि बबलू अपने दोनों बच्चों अभिषेक व नेहा से बेहद प्यार करता था। बेटी को लॉ करवाने के लिए चंडीगढ़ दाखिला भी करवाया था, लेकिन बाद में कोरोना संक्रमण देखते हुए रोहतक में ही पढ़ने लगी। बेटा भी पढ़ाई कर रहा है। माता-पिता व नानी की मौत के बाद अभिषेक बेहद घबराया हुआ है। एक बार तो वह बेहोश भी हो गया। उसे चाचा के घर ले जाया गया। जबकि बहन नेहा पीजीआई में जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रही है। वहीं, घायल नेहा की सुरक्षा में देर रात महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
गली में नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे, फाइल नहीं आ रही बाहर
नगर निगम ने शहर में 180 जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया था, लेकिन प्रशासनिक मंजूरी के बिना कैमरों की फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस कड़ी में शिवाजी कॉलोनी थाना एरिया में भी सीसीटीवी कैमरे लगने हैं। अगर नजदीक या गली में कैमरा लगा तो होता तो तिहरे हत्याकांड में पुलिस के हाथ कुछ सुराग लग सकता था।
हत्याकांड की गुत्थी पूरी तरह उलझी हुई है। पुलिस कई एंगल पर काम कर रही है। प्रॉपर्टी के लेनदेन के विवाद से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि शिकायतकर्ता ने रंजिश का अंदेशा व्यक्त किया है। उस पर फायरिंग की बात सामने आ रही है। हालांकि खुलकर कुछ नहीं पता लगा है। शनिवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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- गोरखपाल राणा, डीएसपी, मुख्यालय
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