प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए यहां चीनी के अलावा कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। चीनी मिलों में एथनॉल उत्पादन के साथ-साथ बिजली का उत्पादन भी किया जा रहा है। भविष्य में प्रदेश के सभी सहकारी चीनी मिलों में एथनॉल प्लांट लगाए जाएंगे। यह बात सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने वीटा प्लांट में पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उबारने के निर्देशों पर सहकारी चीनी मिलों में चीनी के अलावा अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। पलवल, कैथल तथा महम सहकारी चीनी मिलों में चीनी के साथ-साथ गुड़ व शक्कर का उत्पादन किया जा रहा है। शाहबाद चीनी मिल में एथनॉल प्लांट शुरू किया गया है। पानीपत तथा रोहतक सहकारी चीनी मिल में बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश की सभी सहकारी चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए एथनॉल प्लांट लगाए जाएंगे।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानों को सहकारी चीनी मिलों में कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में गन्ने का देशभर में सर्वाधिक मूल्य 362 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को दिया जा रहा है। किसानों के रहने व खाने के लिए विश्राम गृह बनाए गए हैं। अटल किसान मजदूर कैंटीन में किसानों को 10 रुपये में शुद्ध भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को दवाइयां व कीटनाशक इत्यादि भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे उच्च चीनी रिकवरी की नई वैरायटी को अपनाएं, ताकि गन्ने से ज्यादा चीनी का उत्पादन हो।