फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ घंटे ऑपरेशन कर प्लमोनरी एडिमा के मरीज की बचाई जान

विज्ञापन
Pluminary edema patient saved his life by operating for eight hours - फोटो : RohtakCity
विज्ञापन
पीजीआईएमएस रोहतक के डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन थियेटर में लगातार आठ घंटे संघर्ष करते हुए प्लमोनारी एडिमा के मरीज की जान बचा ली है। मरीज के फेफड़ों में पानी भर गया था और उसका तत्काल ऑपरेशन करना पड़ा था। कोरोना संक्रमण काल में बड़े ऑपरेशन की सफलता पर संस्थान के कुलपति डॉ. ओपी कालरा, निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव, रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल ने पूरी टीम को बधाई दी है। कार्डियक सर्जन डॉ. एसएस लोहचब ने बताया कि प्लमोनारी एडिमा की समस्या उस समय अधिक होती है, जब मरीज को हार्ट अटैक की समस्या होने पर तीन घंटे के अंदर खून के थक्के को पिघलाने वाला इंजेक्शन नहीं दिया जाता या स्टंट नहीं डाला जाता। ऐसे में हार्ट का वाल्व लीक हो जाता है और शरीर में खून का संचार कम होता चला जाता है। इससे फेफडों में पानी भर जाता है और शरीर में आक्सीजन की कमी होने से बीपी गिरता है व हृदय के दो चैबरों का पर्दा फटने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मरीज को आपरेशन की जरूरत होती है और इसके बाद भी मरीज के 60 प्रतिशत ही बचने की संभावना होती है। कोरोना के चलते लॉकडाउन में इस तरह के तीन मरीजों का वह उपचार कर चुके हैं। इस जटिल ऑपरेशन में बेहोशी विभाग की डॉ. टीना अग्रवाल का योगदान रहा।
विज्ञापन

दिल्ली से आया था मरीज
कार्डियक सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं डीन एकेडमिक अफेयर डॉ. लोहचब ने बताया कि 14 जुलाई को मरीज दिल्ली रोड स्थित एक अस्पताल में सांस की समस्या के चलते आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती था। वहां मरीज की एंजियोग्राफी की गई तो पता चला कि मरीज को हार्ट की शिकायत है। मरीज का ऑपरेशन की सलाह दी गई तो आर्थिक तंगी के चलते मरीज ने पीजीआईएमएस में स्वयं को शिफ्ट करवा लिया। मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया और हार्ट असिस्ट डिवाइस -आईएपीपी-पर रखा गया। 17 जुलाई को मरीज का आठ घंटे का सफल जटिल ऑपरेशन किया गया। इसके बाद मरीज को छह दिन आईएबीपी पर रखा गया और मरीज ने धीरे-धीरे रिक्वर किया और दस दिन बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस मौके पर डॉ. कुलदीप सिंह लालर, डॉ. टीना अग्रवाल, डॉ. अश्विनी कुमार, डॉ. राजेश नांदल, डॉ. सविता सैनी, डॉ. सुशीला तक्षक, डॉ. अप्रेश, डॉ. वरुण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें