फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फूलां नाल डेरा सजाया मेरे बाबाजी...

विज्ञापन
बाबा बालक पुरी डेरे में गीतों पर झूमते श्रद्धालु। अमर उजाला
विज्ञापन
फूलां नाल डेरा सजाया मेरे बाबाजी... भजन पर श्रद्धालु झूम उठे। पुरीधाम बाबा बालकपुरी डेरे में गुरु पूर्णिमा पर यह नजारा धार्मिक उल्लास को साफ दर्शा रहा था। इसके अलावा बाबा लक्ष्मणपुरी डेरा गोकर्ण धाम, बाबा मस्तनाथ मठ के अलावा विभिन्न मठ व डेरे में गुरु पूर्णिमा पर्व धूमधाम से मनाया गया। पुरीधाम में महामंडलेश्वर कर्णपुरी महाराज ने अपने गुरु बाबा बालकपुरी की आरती की व उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने डेरा संस्थापक की पूजा-अर्चना की। यहां कई श्रद्धालुओं ने गुरु दीक्षा प्राप्त की। डेरे पर अमृतसर के भजन गायक रूप भाटी ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को आत्म विभोर किया। यहां फूलों की वर्षा भी की गई।
विज्ञापन

वहीं, बाबा लक्ष्मणपुरी डेरा गोकर्ण धाम के महामंडलेश्वर बाबा कपिलपुरी व कमलपुरी ने शनिवार सुबह पांच बजे अपने गुरु बाबा लक्ष्मणपुरी की पूजा-अर्चना की। इसके बाद शुरू हुई गुरु पूजन प्रक्रिया देर रात तक जारी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ दूर-दराज से मिठाई व जोत लेकर डेरे पर पहुंचे। इस दौरान अनेक श्रद्धालुओं ने गुरु मंत्र लिया। भजन गायक साहिब सिंह साबी, प्रेम लूथरा व अन्य ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को अभिभूत किया। डेरे के अटूट लंगर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यहां मेयर मनमोहन गोयल, डिप्टी मेयर राजू सहगल, राजेश सहगल, रमेश सहगल, ओम जुनेजा, श्याम कपूर, सीताराम सचदेवा समेत अन्य मौजूद रहे।
संसार रूपी भवसागर से पार कराता है गुरु : महंत बालक नाथ योगी
गुरु पूर्णिमा पर वैदिक काल से चली आ रही गुरु शिष्य परंपरा के तहत शनिवार को बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) रमेश कुमार यादव, कुलाधिपति प्रतिनिधि अंजना राव, रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) इंद्रजीत सिंह ने बाबा मस्तनाथ मठ के महंत बालक नाथ योगी को शॉल व पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु महिमा के विषय में महंत बालक नाथ ने कहा कि हम जो कुछ हैं, यह सब हमारे गुरुजनों की कृपा व आशीर्वाद का परिणाम है। गुरु के आशीर्वाद और ज्ञान के अभाव में मनुष्य पशुवत है। शास्त्रों के अनुसार मनुष्य को द्विज कहा गया है, क्योंकि इसका जन्म एक बार तो माता के गर्भ से व दूसरी बार गुरु के सानिध्य में ज्ञान से होता है। इस संसार में सभी सगे संबंधी किसी न किसी स्वार्थवश एक दूसरे की मदद करते हैं, लेकिन गुरु बिना किसी लोभ व लालच के शिष्य के अभ्युदय की कामना करता है। इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर्स, प्रो. सतीश चंद्र शर्मा, सलाहकार, ओपी सचदेवा, मुकेश सिंगला, डॉ. नीरज कुमार खरे समेत सभी विभागों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।
विज्ञापन

राज्य शिक्षक अवॉर्डी को किया सम्मानित
गुरु पूर्णिमा का पर्व राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी धूमधाम से मनाया। राज्य शिक्षक अबॉर्डी संजय कुमार को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा नेता सतीश नांदल, जिलाध्यक्ष अजय बंसल व सत्यप्रकाश ने शॉल भेंटकर सम्मानित किया। शिक्षा जगत में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए उनकी प्रशंसा की गई।
संकट मोचन मंदिर में हुआ सत्संग और भंडारा
माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में ब्रह्मलीन गुरु मां गायत्री व गद्दीनशीन संचालिका साध्वी मानेश्वरी देवी के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया गया। यहां गुरु पूजा, सत्संग, प्रवचन, आशीर्वचन, आरती व भंडारे का आयोजन किया गया। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा पर साध्वी मानेश्वरी देवी ने देवी-देवताओं की पूजा अर्चना कर उज्जवल भविष्य व सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में हांसी से आई भजन गायिका पूनम मल्होत्रा ने अपनी सुरीली आवाज से प्रभु का गुणगान किया। सचिव गुलशन भाटिया ने बताया कि साध्वी मानेश्वरी देवी ने प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि शिष्य के जीवन में गुरु पूर्णिमा का बड़ा महत्व है। इस दिन साधक अपने सद्गुरु का पूजन करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ही शिष्य का भाग्य विधाता है। दुनिया में जिस मनुष्य पर प्रभु की कृपा व गुरु का आशीर्वाद होता है, वही संपूर्ण रूप से मंगलमय जीवन व्यतीत कर सकता है। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष उषा शर्मा, राजरानी शर्मा, निर्मला सिक्का, हन्नी, ममता भाटिया, सुमन, राज खरबंदा, शशि उपस्थित रही।
‘जीवन सफल बनाने में गुरु की भूमिका अहम’
नरेंद्रा विहार कुताना स्थित ब्रह्माकुमारी गीता पाठशाला में गुरु पूर्णिमा पर आध्यात्मिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें प्रेम ने कहा कि हमारे जीवन को सफल बनाने में गुरु की अहम भूमिका होती है। हमारी संस्कृति में गुरु का स्थान सबसे ऊंचा है। वर्तमान में युवा वर्ग शिक्षित है। इसमें भी लड़कियों का प्रतिशत अधिक होने से समाज में खुशनुमा माहौल है। शिक्षा के साथ दीक्षा को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। अधिवक्ता नरेंद्र नांदल ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संस्कारों व मूल्यों को धारण करना चाहिए। आपसी भाईचारा व विश्व बंधुत्व की ओर कदम बढ़ाते हुए सकारात्मक सोच के साथ जीवन में अच्छे विचार धारण करने चाहिए। इस मौके पर ममता, खुशी, कविता, सुमन, बाला, सुनीता, विकास, नसीब, जोनी, सतेंद्र व मीडिया प्रभारी धर्मवीर समेत अनेक ब्रह्माकुमार व कुमारी उपस्थित रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें