आंतड़ियों की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब पीजीआई
में ऐसे मरीजों को अत्याधुनिक तकनीक से मुफ्त इलाज मिल सकेगा। बुधवार को
यहां कैप्सूल एंडोस्कोपी तकनीक शुरू कर दी गई।
गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग
के एचओडी डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने बताया कि पीजीआई कैप्सूल तकनीक से इलाज
करने वाला प्रदेश का पहला और एकमात्र सरकारी संस्थान हो गया है। अभी तक यह
सुविधा एम्स या बड़े निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध थी। रोहतक में भी दिल्ली
रोड स्थित एक निजी अस्पताल में यह सुविधा है, लेकिन इसका खर्च करीब 40
हजार से ज्यादा आता है।
कैमरे वाला कैप्सूल करेगा इलाज
डॉ.
मल्होत्रा ने बताया कि जांच मे मरीज को एक कैप्सूल खाना पड़ता है। इस
कैप्सूल पर कैमरा लगा होता है। जो पूरे पेट और आंतड़ियों की लगभग 50 हजार
फोटो खिंचता है, जिसे कंप्यूटर पर देखा जाता है।
खासकर छोटी आंतड़ियों के
उन हिस्सों में छुपी हुई बीमारियों का पता लगाता है जो रुटीन एंडोस्कोपी
में नही पकड़ी जाती। इससे आंतड़ियों के कैंसर, सिकुड़ापन, गेहूं की एलर्जी,
आंतड़ियों के जम और खून बहने के कारणों का पता लगाया जा सकेगा। विभाग की
ओर से एंडोस्कोपी हेल्पलाइन 9671000017 भी शुरू कर दी गई है।