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पीजीआई में डाक्टर और कर्मी में मारपीट, तीन घंटे हड़ताल पर रहे डेढ़ हजार कर्मचारी 

Thu, 28 Apr 2016 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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तीन घंटे हड़ताल पर रहे डेढ़ हजार कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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मरीजों के साथ अक्सर बदसलूकी के लिए चर्चाओं में रहने वाले पीजीआई में इस बार कर्मचारी और उसके रिश्तेदार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कर्मचारी ने डाक्टर और अन्य स्टाफ पर बदतमीजी और मारपीट का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में पीजीआई के करीब डेढ़ हजार से अधिक गैर शैक्षणिक कर्मचारियों ने बुधवार सुबह हड़ताल कर दी। करीब तीन घंटे तक चली हड़ताल के बाद निदेशक ने जांच का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।
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 पीजीआई की एमजी ब्रांच में तैनात कर्मचारी अशोक का कहना है कि भिवानी जिले के धारण गांव के रहने वाले उसके साले का मंगलवार को एक्सीडेंट हो गया था। इसके अलावा उसकी पत्नी भी बीमार थी। रात करीब 11:30 बजे साले और पत्नी को लेकर वह आपातकालीन विभाग में उपचार के लिए पहुंचा। इस पर मरीजों को आर्थो विभाग में भेज दिया गया। अशोक का आरोप है कि आर्थो विभाग में तैनात पीजी डाक्टर ने उसके साथ बदसलूकी की और सुबह आने के लिए कहा। अशोक का आरोप है कि उसके परिचय देने पर भी डाक्टर ने उपचार नहीं किया और मारपीट की। स्टाफ के दूसरे लोगों ने भी मारपीट करके उसे भगा दिया। मामले की शिकायत थाने में भी की गई है। 

दिन निकलते ही कर्मचारियों ने की हड़ताल 
सुबह होने पर गैर शिक्षक संघ को घटना का पता चला तो तुरंत हड़ताल पर चले गए। करीब डेढ़ हजार से अधिक कर्मचारियों ने हड़ताल को समर्थन दिया और ड्यूटी पर जाने की बजाय निदेशक डॉ. आरके गुप्ता के कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। कर्मचारियों का आरोप था कि डाक्टरों की मनमानी को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। करीब 11 बजे निदेशक डॉ. गुप्ता कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। मामला बढ़ता देख निदेशक ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। निदेशक ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की। लगभग तीन घंटे तक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से पीजीआई में काफी कामकाज प्रभावित हुआ। 
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निकलवाई जाएगी सीसीटीवी फुटेज 
निदेशक ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि मामले की तह तक जाने के लिए सीसीटीवी फुटेज निकलवाई जाएगी। दूसरे पक्ष से भी बातचीत की जाएगी। फुटेज में जिसकी भी गलती होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वीसी डॉ. ओपी कालरा के दिल्ली से लौटने के बाद उनसे भी बातचीत की जाएगी। 
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