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10 दिन में री-चेकिंग, री-वैल्यूएशन के आए 5700 से अधिक आवेदन, 300 से अधिक लगी आरटीआई

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कोरोना काल में हुई परीक्षाओं का एमडीयू प्रशासन एक-एक कर परिणाम जारी कर रहा है। इन परिणामों पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सवाल उठाते हुए गलत अंक दिए जाने का अंदेशा जाहिर किया है। यही वजह है कि पिछले 10 दिन में री-चेकिंग व री-वैल्यूएशन के 5700 से अधिक आवेदन विश्वविद्यालय में जमा हुए है। यही नहीं 300 से अधिक विद्यार्थियों ने आरटीआई भी लगाई है। इसमें विद्यार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाएं मांगी है। एमडीयू की परीक्षा शाखा लगातार परीक्षाओं के परिणाम जारी कर रही है। इनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी फेल व कंपार्टमेंट आ रहे हैं। विद्यार्थियों की मानें तो उनका पेपर अच्छा हुआ था। इसके बावजूद वे एक या एक से अधिक पेपर में फेल किए गए हैं। इसीलिए मूल्यांकन के लिए उत्तर पुस्तिकाएं आरटीआई में मांगी गई हैं।
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विवि ने स्नातक तृतीय वर्ष का परिणाम जारी किया है। इसमें अंग्रेजी की परीक्षा में नंबर कम मिलने से री-अपीयर आई है। जबकि पेपर अच्छा हुआ था। इसलिए आरटीआई के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की प्रति मांगी है। आरटीआई जमा कराने के लिए काफी देर तक कतार में खड़ी रही।
- ज्योति, छात्रा, स्नातक तृतीय वर्ष
स्नातक प्रथम वर्ष अर्थशास्त्र की परीक्षा का परिणाम विवि प्रशासन ने हाल ही में जारी किया है। इस विषय में री-अपीयर दिखाया गया है। परीक्षा अच्छी होने के कारण 80 नंबर आने की उम्मीद थी। जबकि हुआ उल्टा। इसलिए आरटीआई लगाकर उत्तर पुस्तिका की प्रति मांगी है।
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- अन्नी, छात्रा, स्नातक प्रथम वर्ष
कोरोना काल में सोनीपत के गांव छछुराना से विवि में सिर्फ आरटीआई लगाने आई हूं। बीएससी गणित प्रथम वर्ष की कैलकुलेशन परीक्षा में कम नंबर आने से री-अपीयर आई है। परीक्षा में सभी सवालों से सही जवाब देने बाद खराब परिणाम समझ नहीं आ रहा। इसलिए आरटीआई लगाई है।
- नेहा, छात्रा, बीएससी प्रथम वर्ष
एमडीयू ने हाल ही स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षा का परिणाम जारी किया है। इस परीक्षा में अंग्रेजी विषय में री-अपीयर आई है। पेपर में सभी सवालों के जवाब दिए थे। परीक्षा में अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। परिणाम में स्थिति विपरीत रही। इसलिए आरटीआई में उत्तर पुस्तिका की प्रति मांगी है।
- प्रिंसी, छात्रा, स्नातक द्वितीय वर्ष
कोरोना काल में घर से आरटीआई लगाने एमडीयू आई हूं। विवि की ओर से जारी परीक्षा परिणाम में होम साइंस के एक पेपर में री-अपीयर दिखाया गया है। परीक्षा परिणाम बेहतर आने की उम्मीद थी, मगर ऐसा नहीं हुआ। इसलिए आरटीआई से अपनी उत्तर पुस्तिका की प्रति मांगी है।
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- सुदेश, छात्रा, स्नातक द्वितीय वर्ष
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