रोहतक। पहरावर गांव की जमीन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। नवीन जयहिंद के नेतृत्व में 23 अप्रैल को आयोजित परशुराम जन्मोत्सव की तैयारियों के बीच नगर निगम प्रबंध वीरवार को अदालत पहुंच गया और जयहिंद पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। सीनियर सिविल जज मंगलेश कुमार चौबे ने शुक्रवार को जयहिंद को अदालत में तलब किया है। नगर निगम की टीम के साथ पहुंची पुलिस ने भी जन्मोत्सव की तैयारियां रुकवा दीं।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में पहरावर गांव की जमीन 12 एकड़ से ज्यादा जमीन गौड़ ब्राह्मण संस्था को 33 साल के पट्टे पर दी थी। लीज की शर्त पूरी नहीं होने के कारण नगर निगम ने 2022 में लीज रद्द कर दी। ऐसे में जमीन वापस निगम के पास चली गई। सीएम मनोहर लाल तक मामला पहुंचा। उन्होंने दोबारा जमीन को गौड़ ब्राह्मण संस्था को देने की घोषणा की। इसकी प्रक्रिया अभी चली रही है। सरकार के खिलाफ अक्सर मुद्दे उठाने वाले नवीन जयहिंद ने 23 अप्रैल को पहरावर गांव की उसी जमीन में परशुराम जन्मोत्सव मनाने की घोषणा की। इसकी कई दिन से तैयारियां चल रही हैं। जनसभा का मंच तैयार करने के लिए जयहिंद व समर्थकों की तरफ से एक चबूतरा बनाया है।
इसी बीच नगर निगम वीरवार को सीनियर सिविल जज मंगलेश कुमार चौबे की अदालत में पहुंचा और याचिका दायर कर आरोप लगाया कि नवीन जयहिंद का जमीन से कोई संबंध नहीं है। न ही वे गौड़ ब्राह्मण संस्था के पदाधिकारी या सदस्य हैं। उनको जमीन पर कब्जा करने से रोका जाए। अदालत ने नवीन जयहिंद को 21 अप्रैल सुबह 10 बजे अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया है। साथ ही पुलिस को कानूनी कार्रवाई की हिदायत दी।
अदालत का नोटिस दिखाकर तैयारियां रोकने के लिए कहा
शिवाजी कालोनी थाना प्रभारी देसराज पुलिस व निगम की टीम के साथ पहरावर पहुंचे और नवीन जयहिंद को अदालत का नोटिस दिखाकर तैयारियां रोकने के लिए कहा। जयहिंद ने कहा कि अदालत में केस नगर निगम व उनके बीच चल रह है। इसमें जमीन का विवाद नहीं है। वे अदालत का सम्मान करते हैं, लेकिन भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाया जाएगा। देर शाम तक हालात जस के तस बने हुए थे। पुलिस मौके पर तैनात रही। दूसरी तरफ नवीन जयहिंद समर्थक भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।
गौड़ संस्था को देंगे एक जगह 12.48 एकड़ जमीन, जयहिंद का नहीं कोई संबंध
गौड़ ब्राह्मण प्रचारिणी सभा की तरफ से एक पत्र आया है, जिसमें तीन जगह बंटी जमीन को एक जगह एकत्रित करके देने की मांग की है। निगम ने 12.48 एकड़ जमीन एक ही जगह देने के लिए मुख्यालय पत्र लिख दिया है। इसकी मुख्यमंत्री भी घोषणा कर चुके हैं। नवीन जयहिंद का जमीन से कोई संबंध नहीं है। न ही उन्होंने नगर निगम से कार्यक्रम की अनुमति ली। इसलिए अदालत के माध्यम से जयहिंद को कब्जा करने से रोका गया है। अगर फिर भी कब्जा करने का प्रयास किया गया तो अदालत के माध्यम से आपराधिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त, नगर निगम
मुख्यमंत्री करनाल की जनसभा में कह चुके हैं कि जमीन ब्राह्मण समाज की है। फिर किस बुनियाद पर कोर्ट के नोटिस आ रहे हैं। 23 अप्रैल को पहरावर धाम में पहुंच कर ब्राह्मण समाज अपनी मजबूती परिचय देगा। इससे सरकार डरी हुई है। रविवार को परशुराम जन्मोत्सव होगा, चाहे उसे जेल ही क्यों न जाना पड़े।
नवीन जयहिंद
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नगर निगम की टीम पहरावर गांव में जमीन पर कब्जा रुकवाने के लिए अदालत का नोटिस लेकर आई थी। पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंची। जयहिंद को अदालत का नोटिस दिखाया। जयहिंद अदालत में अपना पक्ष रखें।
इंस्पेक्टर देशराज, प्रभारी, थाना शिवाजी काॅलोनी