रोहतक। प्रभु के करीब रहने के लिए उनकी सेवा जरूरी है। मन में सेवा करने का भाव रखोगे तभी तन से सेवा होगी। यह प्रवचन नया बस स्टैंड रोड स्थित निजी मैदान में ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से आयोजित 87वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव में कार्यक्रम अध्यक्ष बीके रक्षा ने दिए। संगीत सारी दुनिया ढूंढे जिसका वह खुदा मुझे मिल गया के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की गई। मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर कर्णपुरी महाराज, ब्रिगेडियर हरप्रीत और विनीत कुमार उपस्थित रहे।
सेवादार वासुदेव ने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान शिव ने सभी युगों में धरती पर जन्म लिया है। उसी दिन को शिव जयंती के रूप में मनाया जाता हैं। अंधकार से प्रकाश की ओर हमारा जीवन भगवान ही धकेलते है। भगवान शिव जन्म और मरन के जंजाल से मुक्त कराते हैं, जब सभी को इसका ज्ञात हुआ तभी से उन्हें मुक्तेश्वर व मुक्त दाता कहां जाता है। कार्यक्रम में मंच संचालन बीके रचना ने किया। वक्ताओं की भूमिका विद्यसागर, मोनिका व अन्य सेवादारों ने निभाई। सेवादार किशोरियों ने जैसे भोला न्यू मटके, मेरे बाबा भोले बाबा व अन्य भगवान शिव के विभिन्न संगीत व भजनों पर नृत्य प्रस्तुत किया।