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Rohtak News: चुनावी मुद्दा... 12 साल में केवल 10 छुक-छुक चली, इनमें भी 8 में रात के अंधेरे में करना पड़ता सफर

Sat, 11 May 2024 10:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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झज्जर। झज्जर रेलवे स्टेशन की शुरुआत 12 साल पहले जनवरी 2013 में हुई। एक ट्रेन से हुई शुरुआत, लेकिन अब रेवाड़ी से रोहतक के बीच से होकर 10 ट्रेनें अप-डाउन करती हैं। इनमें भी 8 ट्रेनों में सफर करने के लिए लोगों को रात में रेलवे स्टेशन पर जाना पड़ता है। दिन के समय केवल चार ट्रेन हैं जो अप व डाउन करती हैं बाकी 6 ट्रेन में अंधेरे में सफर करना पड़ता है। जिन रास्तों से होकर रेलवे स्टेशन पर जाना पड़ता है, उन रास्तों पर भी रोशनी की सुविधा नहीं है। ऐसे में बहुत कम लोग ही रात के समय रेलवे स्टेशन पर जाकर ट्रेन में सफर करते हैं। लोगों का कहना है कि रोहतक जाने के लिए जितना समय रेलवे स्टेशन और ट्रेन से लगता है, उससे आधे समय में वह बस या अपने वाहन से ही रोहतक पहुंच जाते हैं। 12 साल में यहां से जो ट्रेन चल रही हैं, उसमें रेवाड़ी-रोहतक पैसेंजर, रोहतक-रेवाड़ी डेमू एक्सप्रेस स्पेशल, जींद-रेवाड़ी डेमू एक्सप्रेस, रोहतक-रेवाड़ी पैसेंजर ट्रेन और साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन है। इसमें केवल जींद-रेवाड़ी के बीच चलने वाली ही दिन में चलती है और बाकी सभी रात के समय गुजरती है।
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बढ़ाई जाए ट्रेनों की संख्या
व्यापार मंडल के प्रधान राकेश अरोड़ा का कहना है कि रेलवे स्टेशन बने हुए 12 साल से ज्यादा हो चुके हैं। अब तक केवल दस ट्रेन ही अप व डाउन करती हैं। इनमें से भी अधिकतर ट्रेनें रात के समय चलती हैं। रेलवे स्टेशन भी ऐसी जगह है, जहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता है, इसलिए लोग ट्रेनों में कम ही सफर करते हैं। ट्रेनों की संख्या भी कम है। इसलिए ट्रेनों को दिन के समय चलाकर इनकी संख्या बढ़ाई जाए।
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