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ओलंपिक, क्रिकेट-कबड्डी वर्ल्ड कप में मनवाया लोहा, चुस्ती-फुर्ती में भी म्हारा कोई सानी नहीं

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रोहतक। हरियाणा की राजनैतिक राजधानी कहे जाने वाले रोहतक को खेलों का हब कहें तो भी गलत नहीं होगा। रोहतक के खिलाड़ी विश्व में देश का नाम रोशन करने में हर बार अग्रणी रहते हैं। हर साल कोई न कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराता है। रोहतक मेें पहले भी बहुत ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने देश का नाम रोशन किया। इसी रोहतक के खेल कल्चर आगे बढ़ाने का काम युवा खिलाड़ी भी बखूबी निभा रहे हैं। रोहतक के खिलाड़ियों ने क्रिकेट, कबड्डी के वर्ल्डकप से लेकर ओलंपिक सहित कई बड़ी प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन किया है। चुस्ती-फुर्ती, कुश्ती के दांव पेंच, मुक्के का दम तो किसी का बल्ला विश्व में अपना लोहा मनवा रहा है।
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रोहतक के खिलाड़ियों की मुक्केबाजी में नंबर एक और नंबर दो रैंकिंग
मायना गांव निवासी अमित पंघाल ने अपने मुक्के के दम पर जो ख्याति प्राप्त की है वह किसी से छिपी नहीं है। 52 किलोग्राम भार वर्ग के खिलाड़ी 24 वर्षीय अमित पंघाल ने 2019 में विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में सिल्वर पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। हाल ही में जारी हुई विश्व रैंकिंग में उन्हें पहला स्थान मिला है। अमित पंघाल से ओलंपिक में पदक की भारत को बहुत उम्मीदें हैं। जिनपर खरा उतरने को वह निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रिठाल गांव की मंजू रानी को विश्व रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था। करीब एक सप्ताह पहले जारी हुई टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) में भी जगह मिली है। इसके तहत 2024 व 2028 के लिए ओलंपिक खिलाड़ियों को विशेष सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। इसी ग्रुप में रोहतक के अंकित नरवाल, प्रवीन, ज्योति गुलिया, अनामिका को भी जगह मिली है।
कुश्ती में ओलंपिक पदक विजेता से टॉप्स की सूची में जिले के खिलाड़ी
भारत की ओर से ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय कुश्ती खिलाड़ी साक्षी मलिक कादयान भी रोहतक की ही रहने वाली है। इसके अलावा भी साक्षी मलिक व उनके पति सत्यव्रत कादयान कुश्ती में कई बार पदक जीतकर देश का झंडा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लहरा चुके हैं और आगे भी देश को इनसे उम्मीदें हैं। इनके अलावा टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के डेवलपमेंट ग्रुप में पूजा गहलावत, मानसी को शामिल किया गया है, जिन्हें 2024 और 2028 के ओलंपिक के लिए तराशा जाएगा। जाट कॉलेज अखाड़ा की रेसलर पिंकी भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है और देश के लिए कई बार अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी है व भविष्य की उम्मीद है।
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15 साल की उम्र मेें तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, टी-20 विश्व कप में बल्ले से पाई प्रसिद्धि
महज 15 साल 285 दिन की उम्र में अर्धशतक जड़ अपने आदर्श मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने वाली रोहतक की शेफाली वर्मा ने 16 वर्ष की आयु में महिला टी-20 विश्व कप में अपने बल्ले के दम पर विश्व में प्रसिद्धि पाई। सचिन की फैन के सहवाग वाले अंदाज के जड़े चौके छक्कों की बदौलत ही भारत टी-20 विश्व कप में उपविजेता बना। कभी फटे ग्लब्स और टूटे बैट से खेलने वाली शेफाली की कहानी सभी युवाओं के लिए प्रेरणा दायक है। उन्होंने एक बार के लिए तो टी-20 में विश्व नंबर वन रैंकिंग भी हासिल कर ली थी, वर्तमान में शेफाली टी-20 की विश्व रैंकिंग में 744 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर है। इनके अलावा ऑलराउंडर दीपक हुड्डा भी क्रिकेट में अच्छा कर रहे हैं। वह आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप खेल चुकेे हैं। आईपीएल में उनका प्रदर्शन उमदा रहा है।
दीपक हुड्डा की कप्तानी में भारत ने जीता साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड
चमारिया गांव निवासी दीपक हुड्डा ने अपनी कड़ी मेहनत व लग्न से भारतीय कबड्डी टीम में जगह बनाई और कुछ ही समय में टीम मेंबर से कप्तानी तक का सफर तय किया। इतना ही नहीं उनकी कप्तानी में भारत ने साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। कभी डंडा गाड़कर उसी के साथ अभ्यास करने वाले दीपक हुड्डा की कहानी भी सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उनकी कामयाबी की कहानी आप अमर उजाला डॉट कॉम पर भी पढ़ सकते हैं। चमारिया गांव के ही अमित हुड्डा भारतीय कबड्डी टीम के डिफेंडर हैं। इन्होंने साउथ एशियन गेम्स में देश के लिए मेडल जीतने में टीम में अहम भूमिका निभाई।
निशानेबाजों ने भी किया नाम रोशन
जिले में निशानेबाजी में भी कई खिलाड़ियों का अव्वल प्रदर्शन रहा है। शूटर काजल सैनी की बात करें तो उन्होंने किराए की राइफल से प्रेक्टिस शुरू की फिर घर वालों ने उधार के पैसे से राइफल खरीदी और बेटी का हौसला बढ़ाया। इसी की बदौलत उन्होंने देश को 50 मीटर राइफल में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण व कांस्य और फिर साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण व कांस्य पदक दिलाए। वहीं 25 मीटर सेंटर राइफल में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में कांस्य तो साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड व रजत पदक जीता। इनके अलावा भी कई खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
इनके अलावा भी अलग-अलग खेलों में जिले के कई सीनियर व जूनियर खिलाड़ी देश को पदक दिलाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। साथ ही उन्नती हुड्डा, पलक अरोड़ा बैडमिंटन में तो वहीं खुशी हुड्डा गोल्फ में भारत के लिए उभरते सितारों में शामिल है।
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