विजेंद्र कौशिक
रोहतक। तहसील में रजिस्ट्री करवाने के बाद अब इंतकाल (म्यूटेशन) के लिए पटवारी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि तहसील के अंदर ही रजिस्ट्री के साथ इंतकाल की फीस जमा हो रही है और तीन दिन के अंदर इंतकाल की कॉपी दी जा रही है।
जिले के अंदर चार तहसील रोहतक, महम, सांपला व कलानौर के साथ लाखन माजरा सब तहसील है। आम लोगों को प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए तहसील के अंदर इतनी दिक्कत नहीं आती, जितनी इंतकाल चढ़वाने के लिए आती है। पटवारी कोई न कोई बहाना बनाकर लोगों के चक्कर कटवाते रहते हैं। भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है। परेशान होकर काफी लोग इंतकाल चढ़वाना छोड़ देते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार की हिदायत पर इंतकाल की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार को इस संबंध में सख्त हिदायत जारी की हैं।
....
हर रोज हो रही 50 से 60 रजिस्ट्री
अकेले रोहतक तहसील के अंदर हर रोज 50 से 60 रजिस्ट्री हो रही हैं। इसमें 20 से 25 रजिस्ट्री सेल डीड की होती हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत पहले रजिस्ट्री करवाने के लिए नंबर लेना होता है।
........
क्लर्क बताएगा इंतकाल की फीस भी कटवाएं, तीन कॉपी बनेंगी रिकॉर्ड की
नियमों के तहत काउंटर पर मौजूद क्लर्क रजिस्ट्री करवाने वाले आवेदक को बताएगा कि इंतकाल के लिए तय 250 से 350 रुपये तक की फीस साथ-साथ जमा होगी। साथ ही रजिस्ट्री के लिए तैयार कागजात की तीन कॉपी तैयार हाेंगी। एक कॉपी प्रॉपर्टी विक्रेता, एक क्रेता व एक तहसील में जमा होगी। जमा करवाई गई कॉपी के आधार पर तहसील प्रशासन तत्काल इंतकाल चढ़वाएगा।
........
पुरानी रजिस्ट्री का इंतकाल चढ़ाने के लिए कटवाए जा रहे लोगाें के चक्कर
उधर, पुरानी रजिस्ट्री या प्रॉपर्टी का इंतकाल चढ़वाने के लिए पटवारी लोगों के अब भी चक्कर कटवा रहे हैं। पटवारी कभी ज्यादा काम होने, कभी प्रमाण पत्र के सत्यापन तो कभी दूसरी ड्यूटी के नाम पर लोगाें को वापस भेज देते हैं। शासन व प्रशासन को इस संबंध में पुख्ता कदम उठाने चाहिए। ताकि इंतकाल के नाम पर आम लोग परेशान न हो।
विनोद कुमार , प्रॉपर्टी राइटर
.....
रोहतक तहसील के अंतर्गत शहर के अलावा 54 के करीब गांव हैं, जहां सैकड़ों लोग ऐसे हैं, जिनकी रजिस्ट्री हो चुकी है। लेकिन इंतकाल के लिए अब भी पटवारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। नई रजिस्ट्री के साथ तो इंतकाल तत्काल हो रहा है, लेकिन पुरानी रजिस्ट्री के इंतकाल की प्रक्रिया भी आसान की जाए।
- मदनलाल कुरड़ा, पूर्व पार्षद
...
डीसी के मार्गदर्शन में तहसील के कामकाज में पारदर्शिता लाई जा रही है। दिसंबर के आखिरी सप्ताह से रजिस्ट्री करवाते समय साथ-साथ इंतकाल की फीस जमा हो रही है। फीस जमा होने के तीन दिन के अंदर इंतकाल की कॉपी ले सकते हैं। जहां तक पुरानी रजिस्ट्री के इंतकाल का सवाल है, पटवारियों को सख्त हिदायत है कि नियमों के तहत लोगों का तुरंत इंतकाल करें।
जिवेंद्र मलिक, तहसीलदार रोहतक