कहीं फोटो, वीडियो या अन्य डाटा भेजना है तो अब वाईफाई छोड़िए, लाईफाई अपनाइए। लाइट वेव पर आधारित यह तकनीक न केवल पहले के मुकाबले 100 गुणा तेजी से डाटा भेजने में सक्षम है। यही नहीं बगैर की वायर के यह वाईफाई से अधिक सुरक्षित भी है। इसे हैकरों के लिए हैक करना वाईफाई के मुकाबले अधिक मुश्किल है। है न गजब। यह कारनामा बुधवार को राजकीय महाविद्यालय की छात्राओं ने विज्ञान प्रदर्शनी में प्रदर्शित अपने मॉडल में कर दिखाया है।
कॉलेज के फिजिक्स विभाग की शिक्षक स्वाति ने बताया कि विद्यार्थियों ने नई तकनीक पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किया है। निर्णायक मंडल ने इसे प्रथम चुना है। वाईफाई रेडियो वेव पर आधारित है, जबकि लाईफाई तकनीक लाइट वेव पर काम करती है। इससे डाटा कहीं भेजना कहीं आसान व सुरक्षित है। यह तकनीक कम खर्चीली व विश्वसनीय है।
बीएससी नोन मेडिकल की छात्रा अनुशा, मलिक आरती, संजू व ज्योति ने हवा की गुणवत्ता पर अपना मॉडल प्रस्तुत किया। इसे आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग) बेस्ड नाम दिया है। इसमें प्रदूषित होती शहर की हवा को देखते हुए सेंसर के जरिये प्रदूषण का स्तर जानने के साथ प्रदूषण कम करने व हवा शुद्ध करने के उपाय सुझाए हैं। इसमें पराली जलाने के बजाय टेरोफिकेशन के जरिये इससे ईंधन तैयार करने व एयर प्यूरिफायर टावर से हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने की जानकारी दी गई है। मॉडल में सीएनजी का प्रयोग, हरियाली को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। वर्तमान में खतरनाक स्तर पर बनी हवा की गुणवत्ता को देखते हुए यह मॉडल राहतभरा हो सकता है। इसी तरह के और भी मॉडल प्रदर्शनी में रखे गए। इनमें पर्यावरण प्रदूषण, ईको सिस्टम, फ्री एनर्जी, ड्रिप इरिगेशन, कोविड व अन्य मॉडल शामिल हैं।
कॉलेज प्राचार्य पूनम भवनवाला ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उनके साथ डॉ. सुमन, सविता परुथी, सीमा जैन ने भी प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। प्रदर्शनी में भौतिकी विभाग से तनु व मानसी प्रथम, रसायन विभाग में अनुशा व संजू प्रथम, जीव विज्ञान में चितवन व अपूर्वा प्रथम, वनस्पति विभाग से प्रेरणा व चेतना प्रथम, भूगोल विभाग में वंशिका व अंबिका प्रथम, मनोविज्ञान में खुशबू व दीप्ति प्रथम, कंप्यूटर विभाग में तनिशा व जाह्नवी प्रथम रही।