सोनीपत रोड स्थित जलघर एक का तालाब। अमर उजाला
- फोटो : RohtakCity
शहर की करीब पांच लाख आबादी के लिए राहत की खबर है। अब बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी पेयजल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। बूस्टिंग स्टेशन की मोटर खराब होने पर सुचारु आपूर्ति होगी। टूटी व जर्जर लाइन बदली जाएगी। जहां जरूरत होगी, वहां नई लाइन बिछेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं।
शहर की करीब पांच लाख आबादी को जलघर-1 मनसरोवर पार्क, जलघर-2 झज्जर रोड, जलघर-3 बोहर
और जलघर-4 देव कॉलोनी और करीब 16 बूस्टिंग स्टेशन से आपूर्ति होती है। जब भी बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तभी पेयजल आपूर्ति लड़खड़ा जाती है। विगत दिनों शहर की पेयजल आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए शासन स्तर से जनस्वास्थ्य विभाग के अफसरों से प्लानिंग मांगी थी। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग ने बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पेयजल सुचारु बनाए रखने के लिए चारों जलघरों पर बड़े जनरेटर, प्रत्येक बूस्टर पर पानी सप्लाई करने के लिए एक और नई मोटर लगाने और 20 किमी टूटी पेयजल लाइन बदलने अथवा नई लाइन बिछाने का प्रस्ताव बनाकर सौंपा था। इस योजना को अमलीजामा पहनाने पर 10 करोड़ रुपये का एस्टीमेट दिया गया, जो मुख्यमंत्री ने स्वीकृत कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही प्लानिंग को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
एसडीओ अनिल रोहिल्ला ने बताया कि शहर की पेयजल आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। जल्द ही कार्य की रूपरेखा बनाकर योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।