रोहतक। रोहतक-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सांपला के पास 11 दिन पहले हत्या करके फेंके महिला के शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। घटनास्थल से उठाए गए मोबाइल डंप से भी वारदात को अंजाम देने वाले का सुराग नहीं लग सका है। शव की शिनाख्त करवाने के लिए पुलिस की टीम बहादुरगढ़ व नजफगढ़ भी गई थी, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। अब पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी कहीं न कहीं पुलिस के हाथ आएंगे, तभी पूछताछ में वारदात का खुलासा हो सकेगा।
सांपला पुलिस के मुताबिक, 28 दिसंबर को दोपहर सूचना मिली कि रोहतक-दिल्ली हाईवे पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। पुल के पानी की निकासी के लिए साथ-साथ नाला बनाया जा रहा है, जो ऊपर से कवर है। पुल के साथ नाले में सात-आठ फीट अंदर एक महिला का शव पड़ा है। डीएसपी राकेश मलिक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रोहतक से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) एक्सपर्ट डाॅ. सरोज दहिया को मौके पर बुलाया। दहिया ने शव की जांच की। महिला के कपड़े अस्त-व्यस्त हालत में थे। गले को चाकू से काटा हुआ था। काफी खून निकला हुआ था, जिसके कारण चेहरा भी काला पड़ा हुआ था। शव के पास किसी तरह के कागजात या अन्य ऐसी कोई वस्तु नहीं मिली, जिससे शिनाख्त की जा सके। केवल मृतका के दायें हाथ पर रोशन लिखा हुआ था। पुलिस ने घटनास्थल से मोबाइल फोन के डंप उठाए, लेकिन सुराग नहीं लग सका। जांच अधिकारी ने बताया कि सुराग लगा था कि बहादुरगढ़ व नजफगढ़ से भी दो महिलाएं लापता हैं। पुलिस फोटो लेकर दोनों जगह पहुंची, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी।
पुलिस ने अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया, लेकिन शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इस कारण जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
- इंस्पेक्टर सुलेंद्र सिंह, प्रभारी थाना सांपला।