रोहतक। कोरोना का खतरा बना हुआ है। जिले में कोरोना या ओमिक्रॉन वैरिएंट का कोई केस सामने नहीं आया है। इसे लेकर अलर्ट हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सैंपलिंग तेज कर दी है। फिलहाल जिले में पांच सक्रिय मरीज एकांतवास में उपचाराधीन हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में सोमवार को कोई नया केस सामने नहीं आया। कोरोना के पांच सक्रिय मरीजों का एकांतवास में उपचार चल रहा है। सोमवार को 1589 लोगों के सैंपल लिए। जबकि 1226 को रिपोर्ट का इंतजार रहा। विभाग ने महामारी की तीसरी लहर के अंदेशे के चलते सैंपलिंग को रफ्तार बढ़ा दी है। इसके चलते रोजाना 1500 से 1700 सैंपल लिए जा रहे हैं। महामारी की संक्रमण दर में सुधार आया है। सोमवार को 4.38 प्रतिशत संक्रमण तो सुधार की दर 97.71 प्रतिशत रही। महामारी से सुरक्षा के लिए टीकाकरण अभियान भी जारी है। इसके तहत सोमवार को 221 लोगों को पहली व 774 को दूसरी डोज लगाई गई। विभाग अब तक 1149381 को वैक्सीन लगा चुका है।
विदेश से अब तक जिले में 300 लोग आ चुके हैं। इनके संक्रमित होने या ओमिक्रॉन वैरिएंट से पीड़ित होने की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम खुद इनके घर जाकर सैंपल ले रही है। कोविड महामारी के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलग वार्ड की व्यवस्था की है। पीजीआई व सिविल अस्पताल में एक हजार से ज्यादा मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन किल्लत नहीं रहेगी। इसके लिए सिविल अस्पताल व पीजीआई में ऑक्सीजन प्लांट लग चुके हैं। ये प्लांट पूरी तरह काम करने की स्थिति में हैं। इससे जिला ऑक्सीजन के लिए दूसरे जिलों पर आश्रित नहीं रहेगा।