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Corona New Variant: ओमिक्रॉन से अधिक ताकतवर है एरिस, एक संक्रमित 12 से अधिक को संक्रमित करने में सक्षम

Wed, 09 Aug 2023 11:09 PM IST
भूपेंद्र सिंह संजय कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

देश में एरिस से पहला संक्रमित मरीज महाराष्ट्र में मिला है। पीजीआई रोहतक के कोरोना वैक्सीन विशेषज्ञ बोले कि एक संक्रमित मरीज 12 से अधिक लोगों को संक्रमित करने में सक्षम है। डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि वैक्सीन की एंटीबॉडी नए वैरिएंट के खतरे से सुरक्षा देगी, लेकिन बचाव जरूरी फिर भी जरूरी है।
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डॉ. रमेश वर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना के नए वैरिएंट एरिस ने देश में दस्तक दे दी है। इसका पहला केस महाराष्ट्र में मिलने के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। पिछले महीने यह वैरिएंट यूनाइटेड किंगडम (यूके) में पाया गया था। वहां संक्रमण दर तेजी से बढ़ रही है, फिलहाल इससे बचाव हमें लगी वैक्सीन की एंटीबॉडी ही करेगी। कोवैक्सीन रिसर्च टीम के सदस्य व पीजीआईएमएस(रोहतक) कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के प्राेफेसर डॉ. रमेश वर्मा ने इसकी जानकारी दी है।

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उन्होंने बताया कि कोरोना के वैरिएंट ओमिक्रॉन ने फिर अपना रूप बदल लिया है। यूके के अंदर जुलाई में इसकी पहचान ईजी 5.1 वैरिएंट (एरिस) नामक वैरिएंट से हुई है। इसका एक संक्रमित 12 से अधिक लोगों को संक्रमित करने में सक्षम है। इसके लक्षण भी कोरोना के अन्य वैरिएंट जैसे ही हैं, इसलिए जांच में ही इसकी पहचान हो जाएगी।

9 अगस्त को महाराष्ट्र में भी नए वैरिएंट का केस मिल गया है। इसके बाद देश में भी अलर्ट हो गया है क्योंकि यूके से रोजाना कई यात्री देश के विभिन्न हिस्सों में आते हैं। हरियाणा व रोहतक में भी लोगों का यूके आवागमन रहता है। इसके लिए जरूरी है कि हम अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को फॉलो करें।
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नया वैरिएंट भविष्य में क्या करेगा, इसके बारे में अभी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि अभी इसमें डेथ रिपोर्ट नहीं हुई है। यह जरूर है कि इसके फैलने की क्षमता ओमिक्रॉन से कई गुणा अधिक है। कोरोना के नए वैरिएंट ईजी 5.1 एरिस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। समस्या उन लोगों के लिए है, जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है और जिनके अंदर एंटीबॉडी नहीं है।

जिले में वैक्सीन उपलब्ध नहीं
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि कोरोना का सुरक्षा कवच बनाने वाली वैक्सीन फिलहाल कई दिनों से उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो यह कहीं भी नहीं है। जिले की लगभग 12 लाख आबादी में से पहली डोज की सफलता प्रतिशत 102 रहा है। दूसरी डोज 93 प्रतिशत को लगी है। जबकि बूस्टर डोज 75,665 को ही लगी है। लोग वैक्सीन लगवाने के लिए नहीं आए, यदि डिमांड होती है तो वैक्सीन उपलब्ध करवा दी जाएगी। चिकित्सकों के लिए चुनौती यह है कि इस समय वायरल फीवर के मरीजों की काफी संख्या है। ऐसे में कोरोना संदिग्ध की पहचान मरीज की जांच व उसकी ट्रेवल हिस्ट्री से भी की जाएगी।

संक्रमित के लक्षण
गले में खराश, नाक बहना या बंद नाक, छींकें बार-बार आना, सूखी-गीली खांसी, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, स्वाद गायब होना व सूंघने की क्षमता समाप्त होना, बुखार।

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