प्रदेश के पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण को लेकर यूं तो प्रदेश सरकार तमाम
दावें करती है, लेकिन वह सिर्फ दिखावे के लिए ही नजर आ रहे हैं।
शहर की
तिलियार लेक में तीन साल पहले लाइट एंड फाउंटेन म्यूजिकल साउंड सिस्टम का
निर्माण शुरू तो हुआ, लेकिन वह आज तक पूरा नहीं हुआ। प्रदेश सरकार की तरफ
से मिलने वाले एक करोड़ के बजट के अभाव प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है।
2012
में इंडिया टूरिज्म डवेलपमेंट की तरफ से तिलियार लेक में लाइट एंड फाउंटेन
म्यूजिकल साउंड सिस्टम का प्रोजेक्ट मिला था। 6 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में
पांच करोड़ इंडिया टूरिज्म डवेलपमेंट और एक करोड़ प्रदेश सरकार को देना
था।
प्रोजेक्ट के अंतर्गत तिलियार लेक पर सौंदर्यीकरण के लिए यह सिस्टम
तैयार किया जाना है और करीब 200 फुट की ऊंचाई से रंग-बिरंगी लाइटों के बीच
पानी म्यूजिक के साथ नीचे गिरता।
इंडिया टूरिज्म डवेलपमेंट ने अपने हिस्से
के पांच करोड़ रुपये से तिलियार लेक पर काम पूरा कर दिया, जबकि प्रदेश
सरकार की तरफ से मिलने वाले एक करोड़ रुपये का अभी कुछ अता-पता नहीं है।
इसी कारण पांच करोड़ रुपये लगने के बाद भी यह प्रोजेक्ट अटका हुआ है।
सौंदर्यीकरण में लगेंगे चार चांद
इंडिया
टूरिज्म डवेलपमेंट का मानना था कि तिलियार लेक दिल्ली के नजदीक है। इस
कारण यहां पर पर्यटकों का आवागमन ज्यादा रहता है। इसलिए यदि लेक का
सौंदर्यीकरण कर दिया जाए तो पर्यटकों को संख्या में ओर अधिक इजाफा होगा।
इससे न केवल डिपार्टमेंट की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि तिलियार का नाम भी दूर-दूर
तक चर्चित होगा, लेकिन प्रदेश सरकार की अनदेखी के चलते इस पूरी योजना पर
पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
प्रदेश सरकार की तरफ से मिलने
वाले एक करोड़ रुपये की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला
है। कई बार मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में डाला जा चुका है। यह
प्रोजेक्ट शुरू होने से लेक पर पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी।
- चंद्रभान, टूरिस्ट ऑफिसर तिलियार लेक, रोहतक।