नए बस स्टैंड की दीवार पर करीब दस साल पहले अंकित की गई समय सारिणी, जिसके हिसाब से बसों का संचालन वर्?
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ये रोहतक डिपो है साहब, यहां रोडवेज महानिदेशक और जीएम के आदेशों का भी पालन नहीं होता। दोनों अफसरों दस साल पहले की समय सारिणी हटाकर नई लगाने का आदेश दे चुके हैं, मगर अभी तक नहीं लगी है। इस वजह से यात्रियों को भी काफी दिक्कत हो रही है।
नए बस स्टैंड का उद्घाटन 27 अक्तूबर 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने किया था। उद्घाटन के बाद बसों के संचालन की समय सारिणी शिला पट्टिका की दीवार पर ही अंकित करवाई गई। तब से लेकर अभी तक कई महाप्रबंधक और ट्रैफिक मैनेजर डिपो में आ चुके हैं, मगर किसी ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए समय सारिणी में बदलाव नहीं कराया। रोडवेज के अधिकारियों की ढिलाई की वजह से यात्रियों को बसों के संचालन के बारे में जानकारी करने में काफी दिक्कत हो रही है। करीब डेढ़ साल पहले रोडवेज महाप्रबंधक बस स्टैंड का औचक निरीक्षण करने के लिए आए थे। उनके सामने जब यह मामला पहुंचा तो उन्होंने तत्कालीन महाप्रबंधक जोगेंद्र रावल को नई समय सारिणी लगाने के आदेश दिए थे, मगर कोई बदलाव नहीं किया गया। विगत दिनों महाप्रबंधक दलबीर फौगाट के सामने नई समय सारिणी लगाने का मामला आया तो उन्होंने दो दिन के अंदर उसे लगाने का आदेश दिए, पर सोमवार तक आदेश का पालन नहीं किया गया है।
यातायात प्रभारी का कहना है कि बसों की समय सारिणी बनाई जा रही है। महाप्रबंधक दलबीर फौगाट का कहना है कि आदेश के बावजूद नई समय सारिणी नहीं लगाना गंभीर मामला है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी से जवाब तलब किया जाएगा।