हरियाणा के रोहतक में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की मेडिकल एजुकेशन यूनिट पीजीआईएमएस का विस्तार हो गया है। नेशनल मेडिकल कांउसिल (एनएमसी) ने इसे अपना रीजनल सेंटर बना दिया है। अब यहां हरियाणा के साथ आसपास के प्रदेशों के अध्यापक अपना कौशल निखारने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
कुलपति ने कहा कि पिछले 5 साल से की जा रही मेहनत अब रंग लाई है। एनएमसी ने पीजीआईएमएस में अपना रीजनल सेंटर स्थापित किया है। यह संस्थान के लिए गर्व की बात है। कन्वीनर डॉ. राकेश मित्तल ने कहा कि संस्थान में वर्ष 2017 से एमईयू का संचालन डॉ. सुजाता सेठी के दिशा-निर्देशन में हो रहा था।
पीजीआई को रीजनल सेंटर बनाए जाने पर टीम को शुभकामनाएं देती कुलपति प्रो. अनीता सक्सेना।
इसमें समय-समय पर एनएमसी के नए पाठ्यक्रम से अपडेट कराने के लिए संस्थान के अध्यापकों को एनएमसी के एक प्रतिनिधि की ओर से प्रशिक्षण प्रदान किया जाता रहा है। अब एमईयू को रीजनल सेंटर बनाए जाने से संस्थान में पूरे प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों के अध्यापकों के साथ आसपास के प्रदेशों के अध्यापकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बेहोशी विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि डॉ. राकेश मित्तल की देखरेख में रीजनल सेंटर बनने से एनएमसी की ओर से लागू किए गए नए सीबीएमई पाठ्यक्रम एवं अन्य निर्देशनों को विभिन्न कॉलेजों में मेडिकल एजुकेशन के जरिये प्रभावी ढंग से लागू किए जाने में मदद मिलेगी।
वहीं इसके साथ ही अन्य मेडिकल कालेजों की फैकल्टी के साथ नवीनतम तकनीकों को साझा करने में भी आसानी होगी। किसी भी संस्थान के लिए इस तरह के सेंटर में उन्नयन होना गर्व की बात होती है। इस मौके पर डॉ. सुजाता सेठी, डॉ. कुंदन मित्तल, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. विवेक मलिक, डॉ. उमेश यादव, डॉ. आरती, डॉ. रितू हुड्डा, डॉ. सविता, डॉ. सारिका, डॉ. पूजा व डॉ. विनोद उपस्थित रहे।