लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय मुक्केबाजी कैंप जुलाई में फिर से शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए खिलाड़ियों व अन्य स्टाफ को निमंत्रण भेज दिया गया है। कैंप में ओलंपिक कोटा प्राप्त कर चुके व कोटा हासिल करने को ट्रायल के लिए बचे भारवर्ग के खिलाड़ी अभ्यास करेंगे। पुरुष व महिला दोनों वर्गों के खिलाड़ी पटियाला में ही अभ्यास करेंगे। इससे पहले महिला वर्ग का कैंप दिल्ली में लगता था।
कोरोना के चलते यह फैसला लिया गया है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ दस जून से कैंप शुरू करना चाहता था, लेकिन राज्य सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण से अनुमति मिलने का इंतजार था। अब जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। एक जुलाई से खिलाड़ी कैंप के लिए इकट्ठा होना शुरू हो जाएंगे। महिला वर्ग में 6 खिलाड़ियों सहित 13 सदस्य व पुरुष वर्ग में 13 खिलाड़ियों सहित 22 सदस्य कैंप में मौजूद रहेंगे।
क्वारंटीन व कोरोना टेस्ट के बाद कैंप में होंगे शामिल
कैंप में शामिल व अभ्यास शुरू करने से पहले खिलाड़ियों व अन्य स्टाफ को क्वारंटीन भी किया जाएगा। सभी का कोरोना टेस्ट होगा। जिसके बाद खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे। कैंप सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के तहत लगेगा।
महिला कैंप में ये खिलाड़ी रहेंगे मौजूद
ओलंपिक कोटा हासिल कर चुकी एमसी मैरीकॉम (51), सिमरनजीत कौर (60), लवलिना (69), पूजा रानी (75) व ओलंपिक कोटे के ट्रायल के बचे वजन में 57 किलोग्राम भारवर्ग में मनीषा और सोनिया लाठर अभ्यास करेंगी।
पुरुष कैंप में होंगे ये खिलाड़ी
पुरुष वर्ग में कुछ खिलाड़ियों के साथ तकनीक पर काम करने के लिए पार्टनर खिलाड़ी भी कैंप में शामिल होंगे। ओलंपिक कोटा प्राप्त कर चुके अमित पंघाल (52) के साथ दीपक (52), विकास कृष्ण (69) के साथ नीरज गोयत (69), आशीष कुमार (75), सतीश कुमार (91 प्लस) के साथ कृष्ण शर्मा (91 प्लस) और ओलंपिक ट्रायल के बचे हुए भार वर्ग में गौरव सोलंकी (57), एमडी हुसैन (57), बृजेश यादव (81), संजीत (91) कैंप में शामिल होंगे। इसके अलावा ओलंपिक कोटा प्राप्त कर चुके मनीष कौशिक (63) इंजरी के कारण कैंप में भाग नहीं ले रहे। अन्य प्रतियोगिताओं के लिए टीम पूरी रखने के लिए अंकुश दहिया और शिवा थापा कैंप में शामिल होंगे।
तकनीक पर होगा काम : पंघाल
मुक्केबाज अमित पंघाल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि बॉक्सिंग कैंप फिर से शुरू हो रहा है। अकेले अभ्यास करने में फिटनेस और स्टेनिना मेंटेन रहता है। लेकिन जब साथी खिलाड़ी के साथ अभ्यास करते हैं तो उससे तकनीक पर अधिक काम हो सकता है।