वैश्य कॉलेज में बीएससी नॉन मेडिकल में प्रवेश के लिए प्रमाण पत्रों को शिक्षक को दिखाते अभ्यर्थी। ?
उच्च शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन की मेरिट जारी कर दी है। इसे कॉलेजों के पोर्टल पर भी भेज दिया गया। इसे देखकर विद्यार्थियों को पता चल सकेगा कि ज्यादा अंक होने के बावजूद उनका नाम मेरिट लिस्ट में क्यों नहीं है।इसके साथ ही उनका असमंजस भी खत्म हो जाएगा।
निदेशालय की ओर से सोमवार को सभी विषयों की पहली मेरिट लिस्ट जारी की गई थी। इसके बाद से ही विद्यार्थियों में जबरदस्त असमंजस का माहौल था। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपने निर्धारित कॉलेज जाकर शिकायत की कि उनके अंक ज्यादा हैं, फिर उनका नाम मेरिट में नहीं है। उनसे कम अंक वाले विद्यार्थियों का नाम लिस्ट में आ गया है। सोमवार को तो कॉलेजों को भी इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं थी। मंगलवार को यह साफ हुआ कि सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन की वजह से ऐसा हो रहा है। विद्यार्थियों ने जो सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन भरा है, उसकी मेरिट ज्यादा होने के कारण उनका नाम नहीं आया। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की नोडल अधिकारी (दाखिले) सुदेश लाठर ने कहा कि विद्यार्थियों को यह छूट दी गई थी कि वे जितने ज्यादा चाहें सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन भर सकते हैं। विद्यार्थियों को इसकी जानकारी नहीं थी, जबकि वे कॉलेज सिर्फ पांच ही चुन सकते थे। अगर किसी विद्यार्थी ने अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान का कॉम्बिनेशन भरा है और उसने जिस कॉलेज को वरीयता दी है, वहां की सभी सीटें भर गई हैं तो उसका नाम मेरिट में नहीं आएगा। अगर वह विद्यार्थी कई और सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन भरता तो उसका किसी न किसी में जरूर हो जाता। परेशान विद्यार्थियों को समझाना मुश्किल हो रहा था, लेकिन सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन की मेरिट जारी होने के बाद कॉलेज में लगा दी गई है। अब विद्यार्थी खुद देख सकते हैं कि उनका नाम मेरिट में क्यों नहीं आया।