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स्नातक की सीटें बढ़वाने के लिए राज्यमंत्री का कार्यालय घेरा

Wed, 03 Aug 2016 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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राज्यमंत्री के नहीं मिलने पर तहसीलदार ने इनसो कार्यकर्ताओं से लिया ज्ञापन - फोटो : amar ujala
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शिक्षामंत्री की घोषणा के बाद भी सरकारी कॉलेजों में स्नातक की सीटें नहीं बढ़ने का मामला गरमाता जा रहा है। पूर्व घोषणा के अनुसार, इनसो कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। हालांकि, राज्यमंत्री मौके पर नहीं मिले। मामला बढ़ता देख पुलिस बल की मौजूदगी में तहसीलदार ने पहुंचकर कार्यकर्ताओं से ज्ञापन लिया। कार्यकर्ताओं ने सीटें नहीं बढ़ने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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सीटें बढ़ने की घोषणा पूरी नहीं होने पर इनसो कार्यकर्ताओं ने सरकार को सोमवार तक का अल्टीमेटम दे रखा था। मंगलवार दोपहर इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता जुलूस निकालते हुए राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर के कार्यालय पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का घेराव करते हुए हंगामा किया। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की घोषणा को झूठी बताते हुए भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। राज्यमंत्री के नहीं मिलने पर कार्यकर्ता उनके कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं का गुस्सा बढ़ता देख मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए और आश्वासन देकर उन्हें उठाने का प्रयास करने लगे, लेकिन कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे बाद तहसीलदार गुलाब सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि जल्द ही कॉलेजों में सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसके बाद कार्यकर्ता शांत हुए। इस मौके पर रामबीर बडाला, रवि रेढू, दिनेश पंवार, दीपक मलिक, अभिषेक देशवाल, दिनेश सहरावत, नीरज अन्तिल, सीना पहलवान, अरविंद गोस्वामी, मनजीत देशवाल और नवीन आदि मौजूद रहे।  
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शिक्षामंत्री की दो बार घोषणा, आदेश एक बार भी नहीं
इनसो प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शिक्षामंत्री छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सप्ताह भर पहले उन्होंने 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसका सरकारी कॉलेजों को कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया। इसके बाद दो दिन पूर्व फिर आश्वासन दिया कि सोमवार तक कॉलेजों में आदेश पहुंच जाएगा, लेकिन शिक्षामंत्री का यह आश्वासन भी झूठा साबित हुआ। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
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