रोहतक पीजीआई में काउंसिलिंग के लिए पहुंचे अभिभावकों को रोकते विद्यार्थी।
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एमबीबीएस में प्रवेश के लिए 10 लाख रुपये की बांड पॉलिसी का मुद्दा गरमाता जा रहा है। पीजीआई में एमबीबीएस के विद्यार्थियों का धरना प्रदर्शन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने काउंसिंलिंग रुकवा दी। काउंसिंलिंग में जाने को लेकर कुछ अभिभावकों की प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के साथ कहासुनी व धक्का मुक्की भी हुई। इसके चलते पुलिस बल बुलाना पड़ा।
पीजीआई में बुधवार को भी सरकार की बांड पॉलिसी के खिलाफ धरना प्रदर्शन जारी रहा। विद्यार्थी सुबह करीब 9 बजे पीजीआई निदेशक कार्यालय के बाहर पहुंचे। यहां बुधवार को शुरू होने वाली एमबीबीएस की काउंसिंलिंग का विरोध करते हुए इसे रुकवाने का फैसला लिया गया। इसके बाद सभी निदेशक व डीन कार्यालय के प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए। यहां से किसी को भी काउंसिंलिंग के लिए नहीं जाने दिया गया। विद्यार्थियों ने सरकार को 40 लाख रुपये नहीं देने का नारा लगाते हुए कहा कि बांड पॉलिसी वापस नहीं होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। काउंसिंलिंग के पहले दिन एनआरआई, ईएसएम, ईडब्ल्यूएस, शारीरिक विकलांग श्रेणी के उम्मीदवार बुलाए गए थे। विरोध के चलते काउंसिंलिंग नहीं हो सकी।
कुछ अभिभावकों ने प्रदर्शनकरियों के बीच से निकल कर काउंसिंलिंग में जाने का प्रयास किया, मगर इन्हें रोक दिया गया। विद्यार्थियों व अभिभावकों के बीच तीखी नोकझोंक और कहासुनी हुई। निदेशक डॉ. एसएस लोहचब बाहर आए और विद्यार्थियों को शांति बनाए रखने की अपील की। यहां सुरक्षा के लिए पुलिस भी बुलानी पड़ी। दोपहर पौने दो बजे विधायक बीबी बतरा विद्यार्थियों के बीच पहुंचे और उन्हें अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही उनके मुद्दे विधानसभा में उठाने का वादा किया।