एनएचएआई के अधिकारी का कहना है कि सिस्टम को अपग्रेड करने में समय लग रहा है। वहीं, किसानों ने की 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र के लोगों का फ्री पास बनाने की मांग की है। 21 दिसंबर को टोल पर गुरनाम चढूनी जाएंगे और धरना कमेटियों को सम्मानित करेंगे।
हरियाणा के रोहतक में मकड़ौली टोल अभी चालू नहीं होगा, क्योंकि रोहतक-पानीपत मार्ग पर मकड़ौली व डाहर टोल का संचालन करने वाली निजी कंपनी ने अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। अब एनएचएआई अपने स्तर पर डीघल टोल की तर्ज पर खुद चार दिन में टोल को चालू करने का प्रयास कर रही है।
एक साल तक चले किसान आंदोलन के चलते रोहतक में मकड़ौली व मदीना टोल पर धरना दिया जा रहा था। किसानों ने धरने के साथ टोल पर वाहन चालकों से वसूली बंद करवा दी थी। इसके चलते वाहन फ्री में गुजर रहे थे। अब किसान आंदोलन स्थगित हो चुका है। बावजूद इसके रोहतक-पानीपत मार्ग पर रोहतक का मकड़ौली व पानीपत का डाहर टोल चालू नहीं हो सका है। अब भी फ्री में वाहन गुजर रहे हैं। जबकि डीघल टोल एनएचएआई खुद संचालित कर रही है।
सिस्टम को अपग्रेड कर रहे, लगेगा चार दिन का समय
मकड़ौली व डाहर टोल संचालित करने वाली कंपनी ने अपना समझौता खत्म कर दिया है। ऐसे में दोनाें टोल को चालू करने में समय लग रहा है। सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। चार दिन में टोल चालू हो जाएंगे। - हनुमान सांगवान, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
21 दिसंबर को आएंगे चढूनी, 15 किलोमीटर के दायरे में फ्री चाहिए टोल
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी 21 दिसंबर को मकड़ौली टोल स्थित धरना स्थल पर आएंगे। धरना स्थल पर जिले की सभी धरना कमेटियों के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें मकड़ौली, खरावड़, भाली व मदीना धरना स्थल की कमेटी शामिल हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि मकड़ौली टोल काफी महंगा है। ऐसे में 5 की जगह 15 किलोमीटर के दायरे के ग्रामीणों के लिए टोल को फ्री किया जाए। - राजू मकड़ौली, अध्यक्ष मकड़ौली टोल धरना कमेटी