पोषण माह और मातृ वंदना सप्ताह के दौरान ज्यादा से ज्यादा जागरूकता फैलाई जाए ताकि बच्चों में कुपोषण खत्म किया जा सके। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अधिकतम लाभार्थियों को लाभ दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। उक्त निर्देश उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने अधिकारियों को दिए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि पोषण माह के दौरान लोगों को पौष्टिक व्यंजन की जानकारी दी जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में पौधरोपण अभियान चलाया जाए। लोगों को किचन गार्डन के बारे में अवगत कराया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में हरी पत्तेदार सब्जियां और फल उगाए जाएं ताकि बच्चों को पौष्टिक आहार मिल सके। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को एनीमिया और पौष्टिक आहार के बारे में जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान कुपोषित बच्चों की माताओं को उनकी देखभाल के लिए परामर्श दिया जाए। गर्भवती व दूध पिलाने वाली महिलाओं की बैठक आयोजित कर छह माह तक के बच्चों के लिए स्तनपान को बढ़ावा दिया जाए। आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा पौष्टिक आहार बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाएं। इनमें कोरोना के दिशा निर्देश का सख्ती से पालन किया जाए।
मातृ वंदना सप्ताह का शुभारंभ
एडीसी महेंद्र पाल ने महिला व बाल विकास द्वारा आयोजित पोषण माह और मातृ वंदना सप्ताह का शुभारंभ किया। उन्होंने माह के दौरान की जाने वाली गतिविधियों की विवरणिका और पुस्तक का विमोचन किया। इसमें कुपोषण की पहचान व निदान, बच्चों की वृद्धि निगरानी, स्वच्छता के बारे में जानकारी दी गई है। पोषण माह की शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजित की जाएंगी कई गतिविधियां
मातृ वंदन सप्ताह के दौरान कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। महिला व बाल विकास परियोजना अधिकारी वैशाली ने बताया कि सप्ताह के दौरान ग्राम सभा, शहरी स्थानीय निकायों में बैठकें, पंजीकरण दिवस, समस्या समाधान दिवस, बकाया फॉर्मों का निपटारा, स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर परियोजना अधिकारी योगेंद्रा, कृष्णा, वैशाली, मंजू राणा, स्वच्छ भारत मिशन की जिला समन्वयक मनीशा मलिक मौजूद थीं।