एमडीयू के टेगौर सभागार में सांस्कृतिक प्रस्तुति देते कलाकार । संवाद
एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने आह्वान किया है कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवमय इतिहास, प्रतिष्ठित लोक परंपराओं और रीति-रिवाजों के संरक्षण तथा लोक संस्कृति की जीवंतता बरकरार रखें। वह टैगोर सभागार में हरियाणा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने हरियाणवी संस्कृति के रंग बिखेरे।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय हरियाणा की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को बरकरार रखने को निरंतर प्रयासरत है। इस कड़ी में छात्र कल्याण कार्यालय के तत्वावधान में एक समग्र योजना तैयार की जा रही है। सांस्कृतिक धरोहर की प्रस्तुति के तहत हैरिटेज विलेज की स्थापना की भी योजना है। उन्होंने हरियाणा राज्य की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। साथ ही प्राध्यापकों, गैर शिक्षक कर्मियों और विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे एमडीयू को प्रगति के नए क्षितिज की ओर ले जाने में अपना योगदान दें। उन्होंने छात्र और युवा कल्याण टीम को निरंतर पहल व कार्यों के लिए बधाई दी। इससे पूर्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. राजकुमार ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छात्र व युवा कल्याण कार्यालय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक, साहित्यिक प्रतिभा को लगातार मंच प्रदान कर रहा है। निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी ने मंच संचालन किया। लोक गायकों विकास सातरोड, धर्मेंद्र सिंह निंदाना, सलीम साल्हावास, विकास खरखौदा, सोमवीर कपूरथला, रोहताश नागर ने हरियाणवी गीतों और रागनियों से समां बांधा। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी कोटा के कुलपति प्रो. आरएल गोदारा मुख्य अतिथि रहे। चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी भिवानी के डीन, एकेडेमिक अफेयर्स प्रो. राधेश्याम विशिष्ट अतिथि थे। दोपहर के सत्र में डॉ. जगबीर राठी द्वारा निर्देशित हरियाणवी फिल्म दिल लापता हो गया.. की स्क्रीनिंग की गई। कुलपति प्रो. राजबीर ने इसके लिए डॉ. राठी को बधाई दी। इस अवसर पर एमडीयू की प्रथम महिला डॉ. शरणजीत कर, जनार्दन शर्मा, राघवेंद्र मलिक, रामफल चहल, डॉ. सुधीर शर्मा भी मौजूद रहे।