महम। मदीना कोरसान के ग्रामीणों ने सरकार की डिमांड के अनुरूप भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए 300 एकड़ भूमि देने की पेशकश की है।
रविवार को गांव की सरपंच अनिशा रानी व संदीप दांगी के नेतृत्व में भू मालिकों ने बैठक का आयोजन किया। यहां लगभग 500 किसानों ने साधारण कागज पर हस्ताक्षर कर सरकार को जमीन देने के लिए सहमति पत्र सरपंच को सौंपा।
सरपंच प्रतिनिधि संदीप दांगी ने बताया कि रविवार शाम को लगभग 500 भू स्वामियों ने बैठक में भाग लेकर जमीन उचित भाव पर देने के लिए सहमति से हस्ताक्षर कर दिए हैं। बताया कि सरकार द्वारा पत्र जारी कर विभिन्न जिलों में भारतीय प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान के लिए किसानों से स्वेच्छा से जमीन देने की पेशकश की गई थी। इसमें रोहतक जिले में भी सरकार को जमीन की तलाश है।
ऐसे में भू स्वामियों का कहना है कि अगर सरकार चाहे तो मदीना में आईआईटी जैसा शिक्षण संस्थान बना सकती है। उनका मानना है कि इससे गावं के आसपास रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आने वाली पीढ़ियों को पढ़ने के अवसर मिलेंगे। बताया कि अजायब व गिरावड़ रोड के बीच की जमीन को डहर के नाम से जाना जाता है।
डहर के किसान अपनी स्वेच्छा से सरकार को उचित भाव पर जमीन देने के लिए तैयार हैं। इसके लिए भू स्वामियों ने मुख्यमंत्री को हस्ताक्षर किया हुआ सहमति पत्र सौंपने की बात कही है।
बताया कि ऐसे बड़े शिक्षण संस्थान के लिए यह जमीन बिल्कुल उपयुक्त रहेगी। इस अवसर पर सतेवान, प्रवीन कुमार, नवीन, सुनील, रोहित, अंकित, राजेश, सुखबीर सहित लगभग 500 भू स्वामियों ने अपनी इच्छा से जमीन देने के लिए स्वेच्छा से हस्ताक्षर किए हैं।
गांव की सरपंच अनीशा रानी व संदीप दांगी का कहना है कि यहां पर अगर आईआईटी जैसा शिक्षण संस्थान बनता है तो ग्रामीण सरकार का पूरा साथ देने के लिए तैयार हैं। इसके लिए 300 की बजाए 500 एकड़ जमीन भी मुहैया कराने के लिए तैयार हैं। यहां पर शिक्षण संस्थान बनने से मदीना के अलावा दूसरे साथ लगते गावों के लोगों को भी फायदा होगा।