सोमवार को सुपवा में भ्रमण करते ब्राजील के राजदूत आंद्रे कोरिया, साथ हैं कुलपति गजेंद्र चौहान व अन
पंडित लख्मीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय (पीएलसी सुपवा) का ब्राजील के राजदूत आंद्रे कोरिया ने सोमवार को भ्रमण किया। उनकी पत्नी के अलावा सुपवा भवन बनाने वाले आर्किटेक्चर राज रेवाल भी पत्नी समेत उनके साथ कैंपस में पहुंचे थे। यहां कुलपति गजेंद्र चौहान ने उनका जोरदार स्वागत किया। विवि के लघु सभागार में ब्राजील के राजदूत ने आर्किटेक्चर विद्यार्थियों से ब्राजील व पुर्तगाली वास्तुकला के सौंदर्य व ऐतिहासिक अनुभव साझा किए। आंद्रे ने कहा कि कला व जीवंतता में भारत की तरह ब्राजील के लोगों में भी गहरी रुचि और समानताएं हैं।
उन्होंने ब्राजील व भारत के बीच मजबूत सांस्कृतिक, कलात्मक व सभ्यतागत बंधनों पर जोर देते हुए कहा कि भारत एक आकर्षक देश है। कला व आध्यात्मिकता की उत्कृष्ट भूमि है। ब्राजील में, भारत की संस्कृति, धर्म, प्रदर्शन कला व दर्शन में अत्यधिक रुचि है। सुपवा में कला व सिनेमा के माध्यम से इस महान भूमि के ध्वजवाहक बनने की काफी संभावनाएं हैं।
कुलपति गजेंद्र चौहान ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापक स्तर पर सहयोग की संभावना जताते हुए कहा कि भारत व ब्राजील के बीच घनिष्ठ व बहुआयामी संबंध हैं। ये साझा लोकतांत्रिक मूल्यों व कई वैश्विक मुद्दों पर विचारों के अभिसरण पर आधारित है। चूंकि वैश्वीकृत दुनिया में ज्ञान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता बढ़ रही है। सुपवा ब्राजील में उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ संसाधन साझा करने, शिक्षा शास्त्र व पाठ्यक्रम के स्तर पर सहयोग करने की इच्छुक है। राजदूत ने कुलपति को इस संबंध में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कुलपति ने कहा कि हरियाणा की इस पवित्र भूमि पर भगवान कृष्ण ने गीता का संदेश दिया। यह दुनिया के बौद्धिक भंडार में भारत का सबसे प्रसिद्ध योगदान बन गया।
आर्किटेक्चर राज रेवाल ने सुपवा परिवार के साथ अपनी यादें व अनुभव साझा किए। इससे पहले, राजदूत व उनकी पत्नी बीट्रिक्स ने रजिस्ट्रार डॉ. किरण कंबोज के साथ कैंपस का दौरा किया। इस क्षेत्र में रचनात्मक युवाओं के लिए विश्वविद्यालय की ओर से जुटाए गए बुनियादी ढांचे, संकाय व संसाधनों की प्रशंसा की। यहां मीडिया प्रोडक्शन विभाग की ओर से सुपवा पर निर्मित 7 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। दृश्य कला के शिक्षक उज्ज्वल काकोड़े की ओर से विकसित कैनवास पेंटिंग भी विश्वविद्यालय की ओर से राजदूत को उपहार स्वरूप भेंट की गई। ग